केलाखेड़ा नगर पंचायत में करीब 82 लाख 59 हजार रुपये की लागत से बन रहे 600 मीटर लंबे नाले का निर्माण कार्य पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री और निम्न गुणवत्ता कार्य के चलते नाले का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार इस परियोजना के लिए अब तक करीब 60 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब बड़ी राशि पहले ही जारी हो चुकी है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी कैसे की गई और जिम्मेदारी किसकी है।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग तेज
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकारी धन का इस तरह दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले एजेंसी तथा निगरानी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जीरो टॉलरेंस नीति पर उठे सवाल
मामले ने उत्तराखंड सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी या नहीं।
विभागीय पक्ष का इंतजार
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।