लखनऊ – अंबेडकर जयंती के मौके पर अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जिनके शासन में सबसे ज्यादा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़ी गईं, वही अब ‘डॉक्टर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रतिमाओं को लेकर सरकार पर सवाल
हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार पिछले 10 वर्षों में अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा में विफल रही है। अब चुनाव से पहले 403 करोड़ रुपये का बजट जारी कर ‘झूठा संदेश’ देने की कोशिश की जा रही है।
‘मूर्ति विकास योजना’ पर तंज
उत्तर प्रदेश सरकार ने अंबेडकर की प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए ‘डॉक्टर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत बजट जारी किया है। इस योजना के तहत मूर्तियों पर छतरी, चारदीवारी, लाइटिंग और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
दलित-पिछड़ों के मुद्दे उठाए
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोग सम्मान के लिए कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।
बीजेपी पर राजनीतिक निशाना
सपा प्रमुख ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले संविधान बदलने की बात करते थे, वे अब जनता के बीच जाने से बच रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि सभी मिलकर ऐसे लोगों को सत्ता से हटाएं।
संविधान को बताया ‘ढाल’
अखिलेश यादव ने कहा कि अंबेडकर का संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सपा संविधान और समानता के सिद्धांतों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।