नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। Uttar Pradesh Special Task Force और गौतमबुद्धनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे तमिलनाडु के Tiruchirappalli Railway Station से दबोचा।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
लंबे समय से फरार चल रहा आदित्य आनंद लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सके। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। जैसे ही उसकी लोकेशन तमिलनाडु में ट्रेस हुई, विशेष टीम वहां पहुंची और तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने बचने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी चाल नहीं चली।
क्या है पूरा मामला?
नोएडा में श्रमिकों के धरना-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा की जांच में आदित्य आनंद की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आई थी। पुलिस के अनुसार उसने न सिर्फ प्रदर्शन को उग्र बनाने की योजना बनाई, बल्कि हिंसक घटनाओं को संगठित करने में भी अहम भूमिका निभाई। इसी के बाद Noida के थाना फेज-2 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।
कोर्ट का एक्शन और पुलिस की तलाश
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद STF और स्थानीय पुलिस की टीमें कई राज्यों में लगातार दबिश दे रही थीं। तकनीकी संसाधनों और खुफिया जानकारी के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक की गई, जिससे आखिरकार पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
आगे क्या होगा?
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आदित्य आनंद की गिरफ्तारी से हिंसा की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उससे पूछताछ के जरिए अन्य आरोपियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ भी कार्रवाई तेज की जाएगी। फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर स्थानीय अदालत में पेश करने की तैयारी चल रही है।