कोलकाता: केंद्र सरकार की ओर से शनिवार को 20वें रोजगार मेले का आयोजन किया गया। देश के 45 केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रम में 51 हजार से ज्यादा नवनियुक्त युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। कोलकाता के नेशनल लाइब्रेरी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित किया।
रोजगार मेले में 51 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र
केंद्र सरकार के रोजगार मेले के 20वें संस्करण में देशभर के 51 हजार से अधिक युवक-युवतियों को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए गए। यह कार्यक्रम एक साथ 45 केंद्रों पर आयोजित किया गया। कोलकाता में भी सैकड़ों नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
अब तक 12.75 लाख युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र
सरकारी जानकारी के मुताबिक, इन रोजगार मेलों के जरिए अब तक करीब 12.75 लाख युवक-युवतियों को विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों और संस्थानों में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। रेलवे, गृह, स्वास्थ्य, राजस्व, रक्षा और वित्तीय सेवाओं समेत कई मंत्रालयों और विभागों में नियुक्तियां की गई हैं।
सुकांत मजूमदार ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या कहा?
कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ-साथ इसे तेज करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि SSC की भर्ती प्रक्रिया में पहले 12 से 15 महीने तक लगते थे, जिसे घटाकर 8 से 9 महीने करने की पहल की गई है।
कर्मयोगी प्लेटफॉर्म का भी किया जिक्र
सुकांत मजूमदार ने सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल बढ़ाने के लिए कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की भूमिका का भी उल्लेख किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नए कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और नागरिकों को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने युवाओं को किया संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रोजगार मेले में शामिल नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और इसी दौरान 51 हजार से ज्यादा युवक-युवतियां भारत सरकार से जुड़कर देशसेवा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सरकारी सेवा में प्रवेश को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ने का अवसर बताया।
महिला और युवा भागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले भारत के निर्माण में महिलाओं और युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। अपने संबोधन में उन्होंने BRICS, भारत के विभिन्न देशों के साथ व्यापारिक संबंधों और नए बाजारों के अवसरों का भी जिक्र किया। साथ ही स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी उल्लेख किया।
निजी क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए पहली बार निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाले युवाओं के लिए सरकार की ओर से दिए जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहन की जानकारी दी। सरकारी जानकारी के अनुसार, योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए अधिकतम 15 हजार रुपये तक के प्रोत्साहन का प्रावधान है।
युवाओं से पीएम मोदी ने कही बड़ी बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने युवाओं से अपनी जिम्मेदारी को समझने की अपील करते हुए कहा कि जिस तरह की परिस्थितियों से उनके माता-पिता को गुजरना पड़ा, आने वाली पीढ़ी को उनका सामना न करना पड़े, इसके लिए युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
‘नागरिक देवो भव’ को बताया सरकारी कामकाज का मूल मंत्र
सरकारी सेवा में शामिल होने वाले नए कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिक-केंद्रित प्रशासन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज का मूल मंत्र ‘नागरिक देवो भव’ होना चाहिए। साथ ही सरकारी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।