कुर्सेओंग/सिलिगुड़ी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। मंगलवार को कुर्सेओंग के सुकना में भाजपा उम्मीदवार सोनम लामा** के समर्थन में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने गोरखाओं की भावनाओं को छूते हुए कई बड़े वादे किए।
"6 मई से होगा समाधान का आगाज"
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार बनते ही गोरखाओं की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा: "4 मई को नतीजे आएंगे, 5 मई को सरकार बनेगी और 6 मई को हम ऐसा समाधान निकालेंगे कि हर गोरखा के चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान होगी। अब आपको आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।" शाह ने यह भी घोषणा की कि 31 जुलाई तक गोरखा आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी 'फर्जी' मामलों को वापस ले लिया जाएगा, ताकि आंदोलन को दबाने की कोशिशों को खत्म किया जा सके।
उत्तर बंगाल के लिए 'संकल्प पत्र'
शाह ने उत्तर बंगाल के विकास के लिए वादों की झड़ी लगा दी: स्वास्थ्य एवं शिक्षा: उत्तर बंगाल में एक अलग AIIMS, 500 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल, IIT, IIM और एक आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना। चाय बागान श्रमिक: दो साल के भीतर चाय श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 500 रुपये से अधिक की जाएगी और उन्हें उनकी जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) दिया जाएगा। पर्यटन एवं बुनियादी ढांचा: दार्जिलिंग को 'इको एडवेंचर हब' बनाना, दार्जिलिंग के लिए वैकल्पिक राजमार्ग और (Bagdogra) हवाई अड्डे को 3000 करोड़ की लागत से 2027 तक भारत का सातवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाना।
ममता सरकार पर तीखा हमला
अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि दीदी केवल अफवाहें फैला रही हैं कि भाजपा जन कल्याणकारी योजनाएं बंद कर देगी। उन्होंने बजट का हवाला देते हुए कहा: "ममता सरकार ने पूरे उत्तर बंगाल के लिए सिर्फ 2,000 करोड़ का बजट रखा है, जबकि मदरसों और मुस्लिम समुदाय के लिए 5,800 करोड़ रुपये। यह अन्याय अब और नहीं चलेगा।" शाह ने यह भी दोहराया कि भाजपा सरकार बनते ही उत्तर बंगाल से एक-एक **घुसपैठिए** को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।