बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में अन्नपूर्णा योजना को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। भाजपा विधायक चंदना बाउरी ने मेजिया बीडीओ कार्यालय में औचक निरीक्षण कर आरोप लगाया कि योजना के लाभार्थियों के चयन में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही। उनके आरोपों के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से मांगा जवाब
शनिवार को सालतोड़ा की भाजपा विधायक चंदना बाउरी बिना किसी पूर्व सूचना के मेजिया बीडीओ कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों और डेटा एंट्री ऑपरेटरों से पूछा कि कई पात्र महिलाओं को आवेदन के बावजूद अन्नपूर्णा योजना का लाभ अब तक क्यों नहीं मिला। विधायक ने लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
'तृणमूल समर्थकों को प्राथमिकता' का लगाया आरोप
चंदना बाउरी ने दावा किया कि कुछ डेटा एंट्री ऑपरेटर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों को प्राथमिकता देकर योजना का लाभ दिला रहे हैं। उनका आरोप है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पात्र महिलाओं के कई आवेदन लंबित हैं, जबकि राजनीतिक आधार पर कुछ लोगों के आवेदन तेजी से स्वीकृत किए जा रहे हैं।
'सरकारी योजनाएं किसी पार्टी की नहीं होतीं'
विधायक ने कर्मचारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का पैसा जनता के टैक्स से आता है, इसलिए लाभ वितरण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी की राजनीतिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
दिलीप घोष से कार्रवाई की मांग करेंगी विधायक
भाजपा विधायक ने कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई योग्य महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं। इसी वजह से उन्होंने खुद बीडीओ कार्यालय जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष को दी जाएगी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।
आरोपों पर अब तक नहीं आया आधिकारिक जवाब
चंदना बाउरी के आरोपों के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बीडीओ कार्यालय या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।