कोलकाता: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र आसनसोल-दुर्गापुर के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिम बंगाल सरकार और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के बीच लंबे समय से लंबित समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इसके तहत आसनसोल के ESI अस्पताल को ESIC को सौंप दिया गया है, जहां अब ESIC मेडिकल कॉलेज और अस्पताल विकसित किया जाएगा। यह जानकारी राज्यसभा में सांसद शमिक भट्टाचार्य के अतारांकित प्रश्न संख्या 2182 के लिखित उत्तर (6 अगस्त 2026) में सामने आई।
14 जुलाई को हुआ समझौता
सरकार और ESIC के बीच अस्पताल के हस्तांतरण का समझौता 14 जुलाई 2026 को हुआ। इस दौरान ESIC पश्चिम बंगाल के क्षेत्रीय निदेशक अमरनाथ तिवारी और पश्चिम बंगाल ESI (MB) योजना के अतिरिक्त निदेशक अभिजीत बोस सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। समझौते के बाद अस्पताल का प्रशासनिक नियंत्रण अब पूरी तरह केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन ESIC के पास रहेगा।
50 MBBS सीटों के लिए NMC को आवेदन
ESIC ने नए मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों की मंजूरी के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को आवेदन भेज दिया है। लक्ष्य है कि मंजूरी मिलने के बाद जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू की जा सके।
आसनसोल और आसपास के लोगों को क्या मिलेगा फायदा?
इस परियोजना से आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले हजारों बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही पश्चिम बर्धमान जिले को अपना पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को इलाज के लिए कोलकाता जैसे बड़े शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। नई MBBS सीटों से राज्य के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा अस्पताल में पहले से मौजूद आईसीयू, एसएनसीयू, डायलिसिस यूनिट और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
इस पहल से ESIC की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद क्षेत्र में विशेषज्ञ इलाज, मेडिकल शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे पूरे आसनसोल-दुर्गापुर क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।