कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सड़कों पर भी बदलाव की बड़ी तस्वीर दिखने वाली है। राज्य की भाजपा सरकार ने फैसला किया है कि अब से सभी नई सरकारी बसों का रंग भगवा (Saffron) होगा। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने खुद इस फैसले पर मुहर लगा दी है।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान परिवहन मंत्री ने साफ किया कि आगामी दिनों में जो भी नई सरकारी बसें सड़कों पर उतरेंगी, वे भगवा रंग की होंगी।
'लाल का मतलब खतरा, नील-सफेद यानी चोरी'
परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने बसों के रंग की राजनीति पर पिछली सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा: "सीपीएम (वामपंथी) के शासनकाल में बसों का रंग लाल हुआ करता था। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सत्ता में आने के बाद इसे बदलकर नीला-सफेद कर दिया गया। लाल रंग का मतलब 'खतरा' (Dangerous) होता है और नीला-सफेद 'चोरी' का प्रतीक बन चुका था। इसके विपरीत, भगवा त्याग और राष्ट्रवाद का प्रतीक है। हम राष्ट्रवाद में विश्वास रखते हैं, इसलिए नई बसों का रंग भगवा होगा।"
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही एसी-58 (AC-58) रूट पर इको स्पेस से सोनारपुर के बीच चलने वाली एक बस की तस्वीर सामने आई थी, जो पारंपरिक नीले-सफेद के बजाय पूरी तरह वाइब्रेंट सैफरन (भगवा) रंग में रंगी थी। इसके अलावा डब्ल्यूबीटीसी (WBTC) के टॉलीगंज डिपो से भी भगवा रंग की बसों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थीं।
कोलकाता ट्राम का भी होगा कायाकल्प, 70 रूट होंगे बहाल
बसों के रंग बदलने के साथ-साथ भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल के परिवहन क्षेत्र में कई बड़े सुधारात्मक कदम उठा रही है। कोलकाता की ऐतिहासिक धरोहर 'ट्राम' को एक बार फिर नए रूप में शहर की धड़कन बनाने की तैयारी है।
परिवहन विभाग के प्रमुख आगामी प्लान:
70 ट्राम रूटों का पुनरुद्धार: बंद हो चुके करीब 70 ट्राम रूटों को फिर से शुरू करने की योजना है।
नया ट्राम रूट: शहरवासियों की सुविधा के लिए दक्षिणेश्वर से कालीघाट के बीच एक नया ट्राम रूट तैयार किया जाएगा।
ट्राम का विस्तार: साल्ट लेक, न्यू टाउन और राज्य के विभिन्न धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर तक ट्राम लाइनों के विस्तार की रूपरेखा तैयार की गई है।
बसों की संख्या में बढ़ोतरी: विभिन्न व्यस्त रूटों पर सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई गई है और बंद पड़े पुराने रूटों को दोबारा शुरू करने पर विचार चल रहा है।
साफ है कि बंगाल की सड़कों पर अब न सिर्फ नई रफ्तार दिखने वाली है, बल्कि उसका रंग भी पूरी तरह से बदलने जा रहा है।