बारुईपुर (दक्षिण 24 परगना): दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य बलात्कार-हत्या और उसके बाद उपजी हिंसा में भीड़ तंत्र (मॉब लिंचिंग) का शिकार हुए निर्दोष युवक इंद्रजीत मंडल के परिवार को ढांढस बंधाने शनिवार को खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी उनके घर पहुंचे। इस भावुक मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की ओर से ₹25 लाख का चेक सौंपा। इसके साथ ही, आर्थिक संबल देने के लिए मृतक इंद्रजीत के बड़े भाई बापी मंडल को 'सिविक वॉलंटियर' पद का सरकारी नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया।
नियुक्ति पत्र पाकर भावुक हुए बापी मंडल ने कहा, "मुख्यमंत्री जी ने सिर पर हाथ रखकर कहा कि सरकार हमेशा हमारे साथ खड़ी है। उन्होंने मुझे अच्छे से काम करने और माता-पिता की सेवा करने की नसीहत दी है।"
"निर्दोषों पर अत्याचार नहीं, लेकिन उपद्रवियों को बख्शेंगे नहीं" — मुख्यमंत्री
बारुईपुर के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन के आलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "जो लोग विरोध प्रदर्शन के नाम पर रेलवे ट्रैक पर लोहे के बीम फेंककर बड़ी दुर्घटना की साजिश रच रहे थे, वे कभी देशप्रेमी नहीं हो सकते। यह पूरी तरह राष्ट्रविरोधी कृत्य है। इंद्रजीत के हत्यारों और बलात्कारियों के साथ किसी भी तरह की सहानुभूति या 'प्यार-मोहब्बत' नहीं दिखाई जाएगी।"
मुख्यमंत्री ने स्थानीय पुलिस को यह भी आश्वस्त किया कि भीड़ में शामिल किन्हीं भी निर्दोष नागरिकों पर पुलिसिया ज्यादती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिया कि वे लाउडस्पीकर से घोषणा (माईकिंग) करवाएं ताकि खौफ के मारे बंद पड़ी दुकानें और बाजार दोबारा खुल सकें और जनजीवन सामान्य हो। उन्होंने साफ कहा कि खौफ सिर्फ हत्यारों, बलात्कारियों और दंगाइयों के दिलों में होना चाहिए।
घंटों के भीतर तैयार हुआ सूर्यपुर पुलिस आउटपोस्ट, CM ने किया उद्घाटन
बीते मंगलवार को जब मुख्यमंत्री बारुईपुर के सूर्यपुर में पीड़ित नाबालिग के परिवार से मिलने आए थे, तब स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा को लेकर एक पुलिस चौकी (आउटपोस्ट) की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से हरी झंडी देते हुए जरूरत पड़ने पर किराए के मकान में भी काम शुरू करने का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के महज कुछ ही घंटों के भीतर जिला पुलिस ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए एक स्थाई और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस पुलिस चौकी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया, जिसका शनिवार को मुख्यमंत्री ने विधिवत उद्घाटन किया।

इस नए पुलिस आउटपोस्ट की विशेषताएं:
महिला पुलिस विंग: महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए नियमित रूप से महिला पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगी।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: इसकी दूसरी मंजिल पर आउटपोस्ट इनचार्ज (प्रभारी) का कार्यालय और शिकायत दर्ज करने के लिए अलग कमरा बनाया गया है।
सुरक्षा बल: आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए लॉकअप की व्यवस्था और रिजर्व फोर्स के रहने के लिए विशेष कैंप बनाया गया है।
मामले में अब तक 38 गिरफ्तारियां, मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर
गौरतलब है कि पिछले शनिवार को बारुईपुर से एक नाबालिग बच्ची रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी, जिसका शव रविवार सुबह एक तालाब से बरामद हुआ था। परिवार का आरोप था कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रभास मंडल सहित चार को गिरफ्तार किया था, जिसमें से मुख्य मास्टरमाइंड प्रभास मंडल बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
उसी रविवार को बच्ची के शव को सड़क पर रखकर किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने शक के आधार पर निर्दोष इंद्रजीत मंडल को पीट-पीटकर मार डाला था। इस हिंसा और अफवाह फैलाने के मामले में बारुईपुर जिला पुलिस, एसटीएफ (STF) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाकर 3 और उपद्रवियों को दबोच लिया है। इसके साथ ही मॉब लिंचिंग और हिंसा मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर अन्य दंगाइयों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।