बारुईपुर: भाजपा नेता दिलीप घोष ने बारुईपुर घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल में हत्या और दुष्कर्म की घटनाओं का रिकॉर्ड टूट गया है, लेकिन कभी तृणमूल नेताओं को पीड़ित परिवारों के घर जाते नहीं देखा गया। दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के बारुईपुर दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि "हरे मोमबत्ती लेकर सड़क पर उतरने" से कुछ नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार ने बंगाल को हत्या और दुष्कर्म का केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि बारुईपुर की घटना बेहद जघन्य और निंदनीय है और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना
दिलीप घोष ने सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने अचानक पीड़ित परिवार की तस्वीर सार्वजनिक कर दी, जबकि उनकी पार्टी पहले कभी नियम-कानूनों का पालन नहीं करती थी। उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अत्याचार के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन तब कोई बयान नहीं दिया गया। दिलीप घोष ने कहा कि अब राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद अच्छा बनने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होगा।
पंचायत प्रधानों को दिलीप घोष की चेतावनी
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कई तृणमूल पंचायत प्रधानों के कार्यालय नहीं आने के दावे पर दिलीप घोष ने कहा कि करीब 2000 पंचायत प्रधानों ने काम करना बंद कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि 114 पंचायत प्रधान और 89 उप-प्रधान इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कई पंचायत प्रधानों से बात की है और उनसे जनता के लिए काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आम लोग प्रमाण पत्र और सरकारी सेवाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। दिलीप घोष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पंचायत प्रधान काम नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानों को सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन जनता की सेवा करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो नए सिरे से पंचायत चुनाव कराने का रास्ता अपनाया जाएगा।
पंचायत व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा
कोलकाता नगर निगम में प्रशासक नियुक्त किए जाने के मुद्दे पर दिलीप घोष ने कहा कि पंचायत व्यवस्था को लेकर भी सभी विकल्प खुले हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधानमंत्री और केंद्रीय पंचायत मंत्री से बातचीत कर समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रतिनिधियों को तुरंत हटाना सरकार की प्राथमिकता नहीं है, लेकिन जनता का पैसा लेने वाले प्रतिनिधियों को जनता को सेवाएं देनी होंगी। उन्होंने कहा कि काम नहीं करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बारुईपुर दौरे को बताया राजनीतिक ड्रामा
दिलीप घोष ने बारुईपुर में मुख्यमंत्री के दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि तृणमूल सरकार ने पहले भी कई घटनाओं में पीड़ितों के लिए आवाज नहीं उठाई। उन्होंने सीपीएम शासन और तृणमूल सरकार दोनों पर हत्या और हिंसा को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद किसी को परेशान नहीं किया गया और कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब बारुईपुर जाकर केवल राजनीतिक ड्रामा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था बदल चुकी है और भाजपा को काम करने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता शांति और विकास के लिए भाजपा के साथ खड़ी है।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश का आरोप
बारुईपुर में हुई आगजनी और विरोध प्रदर्शन को लेकर दिलीप घोष ने इसे कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि आरजी कर मामले के दौरान भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली थी। उन्होंने कहा कि नई सरकार को अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और लोगों को सरकार की नीयत और काम को देखने का मौका देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि "ड्रामा बंद करें और सरकार को काम करने दें।"