नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच जश्न का माहौल छा गया। नारों के बीच युवाओं ने अपनी खुशी का इजहार किया। एक तरफ जहाँ मंत्री के इस्तीफे की औपचारिक पुष्टि पत्र के माध्यम से हुई, वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर का पूरा इलाका छात्रों की जीत के शोर से गूंज उठा।
युवाओं की आंखों में आंसू: 'हमारी मेहनत रंग लाई'
जश्न के बीच कई युवाओं की आंखों में खुशी के आंसू भी छलक आए। छात्रों ने भावुक होते हुए कहा कि यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं है, बल्कि उस लंबी लड़ाई का परिणाम है जो उन्होंने अपने हक के लिए लड़ी थी। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प आखिरकार रंग लाया है, जिसने सत्ता के गलियारों तक उनकी आवाज पहुंचाई।
नीट पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या
यह पूरा विवाद 3 मई को आयोजित नीट (NEET) परीक्षा से शुरू हुआ था। 7 मई को पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद देश भर के छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। भविष्य अंधकारमय देख लगभग 21 छात्रों ने आत्महत्या जैसा बेहद दुखद कदम उठा लिया, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
कोकरज जनता पार्टी का आंदोलन और सोनम वांगचुक का अनशन
इन घटनाओं के विरोध में 'कोकरज जनता पार्टी' ने मोर्चा संभालते हुए बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यह प्रदर्शन 20 जून से आरंभ हुआ। आंदोलन को तब और अधिक मजबूती मिली जब 28 जून को प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठ गए, जिससे सरकार पर भारी दबाव बना।
श्रद्धांजलि सभा: 'आज हम जीत गए'
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर उन दिवंगत छात्रों के लिए 2 मिनट का मौन व्रत रखवाया जिन्होंने पेपर लीक के कारण अपनी जान गंवा दी थी। भावुक होकर अभिजीत दीपके ने कहा, "आज हम जीत गए हैं। यह उन सभी छात्रों को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि है जिन्होंने इस लड़ाई में अपनी जान दी।"