कोलकाता: दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में फर्जी कैंसर विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) बनकर मरीजों का इलाज करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने सोमवार रात (14 सितंबर 2026) रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम बिस्वरूप आचार्य है, जो बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के घसियारा इलाके में 8 क्लिनिक चला रहा था और प्रति मरीज 800 रुपये फीस वसूल रहा था। सोनारपुर थाना पुलिस ने फर्जी मरीज बनकर आरोपी को उसके नए क्लिनिक से पकड़ा। आरोपी को मंगलवार को बारुईपुर अदालत में पेश किया जा रहा है।
प्रिस्क्रिप्शन पैड पर FRCS जैसी फर्जी डिग्रियां
आरोपी बिस्वरूप आचार्य पिछले कई सालों से सोनारपुर के घसियारा और आसपास के इलाकों में खुद को बड़ा ऑन्कोलॉजिस्ट बताकर प्रैक्टिस कर रहा था। मरीजों को गुमराह करने के लिए उसने अपने प्रिस्क्रिप्शन पैड पर FRCS जैसी प्रतिष्ठित विदेशी मेडिकल डिग्रियां छपवा रखी थीं। इलाके में अपना नेटवर्क फैलाकर उसने एक-दो नहीं बल्कि पूरे 8 चेम्बर (क्लिनिक) खोल रखे थे। भारी-भरकम फीस और बड़ी-बड़ी डिग्रियों के झांसे में आकर दर्जनों मरीज उसके पास इलाज कराने पहुंच रहे थे।
मकान मालिक के शक ने खोला पोल
आरोपी के फर्जीवाड़े का खुलासा तब शुरू हुआ जब उसने हाल ही में एक नया क्लिनिक खोलने के लिए एक मकान किराए पर लिया। बातचीत के दौरान मकान मालिक को उसकी हरकतों और ज्ञान पर शक हुआ। इसके बाद मकान मालिक ने बिना देर किए सोनारपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मामले की जांच शुरू की।
पुलिस बनी मरीज, बातचीत में ही खुली पोल
सोमवार रात सोनारपुर थाने के पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में मरीज बनकर बिस्वरूप के क्लिनिक पहुंचे। इलाज और बीमारी को लेकर की गई शुरुआती बातचीत में ही उसकी पोल खुल गई। जब पुलिस अधिकारियों ने उससे मेडिकल डिग्री और पंजीकरण संबंधी दस्तावेज मांगे, तो वह कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी डिग्रियों के सिंडिकेट की जांच में जुटी पुलिस
सोनारपुर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने ये फर्जी डिग्रियां कहां से बनवाई थीं और क्या इस रैकेट में अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस आरोपी को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए बारुईपुर अदालत से रिमांड की मांग करेगी, ताकि इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें खोली जा सकें।