राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ा फैसला लेते हुए विधवा भत्ता, वृद्धावस्था भत्ता और दिव्यांग भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने की घोषणा की है। इस कदम से लाखों लाभार्थियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और कमजोर वर्गों को अधिक राहत प्रदान होगी।
अवैध निर्माणों पर सख्ती, फायर लाइसेंस और एनओसी की जांच शुरू
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना फायर लाइसेंस और एनओसी के चल रहे अवैध मकानों और भवनों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे सभी निर्माणों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्हें सुधार के लिए समय दिया जाएगा। नियमों का पालन न करने वालों पर मुख्यमंत्री स्तर पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
तपसिया दौरे में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, संरचनात्मक खामियों की ओर इशारा
तपसिया में एक आवासीय निरीक्षण के दौरान संकरी सीढ़ियों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। बताया गया कि वहां बनी सीढ़ियां इतनी संकरी थीं कि लोगों के लिए उतरना मुश्किल था, और सुझाव दिया गया कि पीछे लोहे की घुमावदार सीढ़ी जैसी सुरक्षित व्यवस्था होनी चाहिए।
128 नगरपालिकाओं की सीसीटीवी निगरानी अब एक ही सिस्टम से
नगर विकास विभाग ने 128 नगरपालिकाओं के सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ने की योजना शुरू की है। इसके तहत मंत्री अग्निमित्रा पाल के कार्यालय से सभी कैमरों की निगरानी संभव होगी, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी।
24×7 जवाबदेही पर जोर, प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बदलाव का संकेत
सरकारी कामकाज में जवाबदेही की कमी पर चिंता जताते हुए अब 24×7 कार्य प्रणाली लागू करने की बात कही गई है। अधिकारियों और सहयोगियों को भी इसी तरह निरंतर कार्य करने की अपेक्षा रखी जाएगी ताकि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके।
संविदा कर्मचारियों पर निर्णय से पहले विस्तृत समीक्षा का आश्वासन
संविदा कर्मचारियों को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी न करते हुए पूरे मामले की धैर्यपूर्वक जांच करने की बात कही गई है। यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी कर्मचारी के हितों पर अचानक कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
लापरवाही पर मुआवजा वसूली की तैयारी, मुख्य सचिव को भेजा जाएगा पत्र
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिनकी लापरवाही से जनता को नुकसान या मृत्यु जैसी घटनाएं होती हैं, उनसे मुआवजा वसूला जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव को औपचारिक पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।
नगरपालिकाओं में ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल, भुगतान पर रोक संभव
नगरपालिकाओं में हुए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि कई कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पेंडिंग भुगतान रोके जा सकते हैं और बिल तभी क्लियर किया जाएगा जब पूरी तरह संतुष्टि होगी।