कोलकाता: शुक्रवार को कोलकाता में नीट पेपर लीक के मामले में हुए सामूहिक विरोध के विषय में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान निकल कर सामने आ रहा है। उन्होंने देश के युवाओं को आश्वासन देते हुए कहा कि “चिंता की कोई बात नहीं है, हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हर एक युवा के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फास्ट ट्रैक अदालत की स्थापना की जाएगी।”
देश विरोधी तत्वों और युवाओं को भड़काने की साजिश पर सख्त रुख
इसके साथ ही उन्होंने यह कहा कि कुछ देश विरोधी लोग हैं जो इस विरोध के द्वारा युवाओं को भड़काने की साजिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। पूरे देश को हमारे प्रधानमंत्री जी पर भरोसा है और वो इस समस्या का समाधान जरूर निकालेंगे।
जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों को जबरन विरोध में शामिल करने का आरोप
अधिकारी ने लेफ्ट स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन पर निशाना दागते हुए कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को जबरन हॉस्टल से निकालकर विरोध में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्होंने इस विषय में जादवपुर विश्वविद्यालय के वीसी (VC) से चर्चा की है।
राष्ट्रीय पर्वों की अनिवार्यता और ऋषि ऑरोबिंदो के आदर्शों का संकल्प
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, “चाहे 26 जनवरी हो या 15 अगस्त, देश की हर एक संस्था, स्कूल एवं कॉलेज में इन दिनों का पालन किया जाएगा। यह ऋषि ऑरोबिंदो का देश है और यहां देशद्रोह की कोई जगह नहीं।”
सियालदह स्टेशन पर जन विरोध प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
शुक्रवार को कोलकाता के सियालदह स्टेशन के पास एक विशाल जन विरोध आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में राज्य भर से युवा शामिल हुए और उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
जन विरोध की आड़ में सीपीएम (CPIM) का निजी एजेंडा और लाल झंडे की राजनीति
इस आंदोलन के दौरान सीपीआईएम पार्टी अपने निजी एजेंडे को प्रदर्शित करती नजर आई। जहां एक तरफ राज्य भर से युवा नीट पेपर लीक के विरोध तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के लिए सियालदह स्टेशन पहुंचे, वहीं दूसरी तरफ सीपीएम सपोर्टर्स अपने लाल ध्वज को फहराते हुए नजर आए। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है की क्या सीपीएम जन विरोध की आड़ में युवाओं को भड़काने और उनका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।