कोलकाता - पश्चिम बंगाल के बारुईपुर दुष्कर्म और हत्या मामले में मुख्य आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत को लेकर राजनीति तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान महुआ मोइत्रा ने कहा कि बंगाल के इतिहास में पहली बार किसी आरोपी की एनकाउंटर में मौत हुई है। उन्होंने इसे "UP 2.0" बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
"बंगाल में पहली बार देखा एनकाउंटर"
महुआ मोइत्रा ने कहा कि आज बंगाल के लिए खून-खराबे वाला दिन है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पहले कभी इस तरह एनकाउंटर में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ हुए कथित दुष्कर्म और हत्या मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
पुलिस के अनुसार, आरोपी को अपराध स्थल पर जांच और घटना के पुनर्निर्माण के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली और भागने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने गोली चलाने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। हालांकि, महुआ मोइत्रा ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर को लेकर स्पष्ट नियम हैं और पुलिस को आरोपी को काबू करने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
"गोली पैर में चलानी चाहिए थी"
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि अगर पुलिस की कहानी सही भी मान ली जाए, तो भी एनकाउंटर के नियमों के अनुसार आरोपी के पैरों पर गोली चलाने की कोशिश की जानी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी को इस तरह गोली क्यों मारी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने मांग की कि इस पूरी कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।
बारुईपुर केस पर पहले से जारी है सियासत
बारुईपुर दुष्कर्म और हत्या मामला सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब आरोपी की एनकाउंटर में मौत के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।