कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। दोपहर 3 बजे तक करीब 79% वोटिंग दर्ज होने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है।
“अधिकार बचाने की लड़ाई समझकर वोट दे रहे लोग”
चौरंगी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भारी मतदान इस बात का संकेत है कि लोग इसे अपने अधिकारों की लड़ाई मान रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाता समझ चुके हैं कि अगर उन्होंने सही फैसला नहीं लिया, तो उनके अधिकार, संपत्ति और व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं।
SIR के बाद पहली परीक्षा
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद यह पहला चुनाव है। इसे लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस तेज थी कि इसका असर मतदान प्रतिशत पर पड़ेगा या नहीं।
हालांकि सुबह से ही कई केंद्रों पर तेज मतदान देखने को मिला और 11 बजे तक कई जगहों पर 30% के करीब वोटिंग हो चुकी थी।
PM मोदी का दावा—“ज्यादा वोटिंग मतलब BJP की जीत”
पहले चरण के मतदान के दिन ही Narendra Modi ने नदिया के कृष्णनगर में रैली की। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ज्यादा वोटिंग होती है, वहां बीजेपी जीतती है और इस बार भी पार्टी जीत दर्ज करेगी।
ममता का पलटवार
प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि मतदान से पहले जीत का दावा कैसे किया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर गड़बड़ी की साजिश रची जा रही है और केंद्रीय बलों के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई।
चुनावी माहौल पर कड़ी नजर
पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है और अब तक छिटपुट घटनाओं को छोड़कर स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज है, लेकिन मतदाताओं की भागीदारी ने इस चुनाव को खास बना दिया है।
जगदल रैली में BJP पर निशाना
इससे पहले जगदल में एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों और कुछ पूर्व अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वह हर स्थिति का जवाब देना जानती हैं।उन्होंने आत्मालोचना करते हुए यह भी कहा कि राजनीति में कुछ फैसले उनकी गलती रहे, लेकिन अब वह सख्त रुख अपनाने को तैयार हैं।
“जनता तय करेगी, आप कैसे कह रहे जीत?”
ममता बनर्जी ने कहा कि वोटिंग के दिन ही जीत का दावा करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब मतदान चल रहा है, तब कैसे कहा जा सकता है कि आप जीत रहे हैं? फैसला तो जनता करेगी।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पहले से ईवीएम को लेकर कोई सेटिंग की गई है, जो इस तरह के दावे किए जा रहे हैं।
प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के दिन माहौल गर्म करने और प्रशासन को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग एजेंट नहीं, बल्कि “एजेंसी” की तरह काम कर रहे हैं और अधिकारियों को डराने की कोशिश हो रही है।
‘झालमुड़ी’ पर सियासी तंज
झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री मोदी के झालमुड़ी खाने को लेकर भी ममता बनर्जी ने कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि अगर वह किसी दुकान पर जाती हैं, तो स्वाभाविक रूप से जाती हैं, न कि पहले से कैमरे लगाकर।
ममता ने आरोप लगाया कि दुकान पर पहले से कैमरे लगाए गए थे और झालमुड़ी भी पहले से तैयार थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “आप जीतकर झालमुड़ी खाने की बात कर रहे हैं, मैं आपको दिल्ली में भेलपुरी भेज दूंगी।”
“हम झोल-भात के लोग हैं”
मुख्यमंत्री ने बंगाल की संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोग मसालेदार खाने के आदी हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी मछ-भात खाया है।
चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाजी
राज्य में पहले चरण का मतदान जारी है और इसी के साथ नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
जहां एक ओर भाजपा जीत का दावा कर रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर डालने की कोशिश बता रही है।