नंदीग्राम: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अदालत से बड़ा झटका लगा है। 2007 में दर्ज चार मामलों में लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किए गए मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
18 सितंबर को हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, मिलन प्रधान को 18 सितंबर को चंडीपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ 2007 में दर्ज चार अलग-अलग मामलों में गैर-जमानती वारंट लंबित थे। इनमें तीन मामले नंदीग्राम थाने और एक मामला खेजुरी थाने में दर्ज बताया गया है।
हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस
पुलिस के अनुसार, इन मामलों में IPC और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, दंगा, हत्या के प्रयास और आग्नेयास्त्रों से जुड़े अपराधों की धाराएं शामिल हैं।
19 साल से फरार होने का पुलिस का दावा
पुलिस का कहना है कि मिलन प्रधान कथित तौर पर लंबे समय से फरार थे और कानूनी प्रक्रिया से बच रहे थे। पुलिस के मुताबिक, करीब 19 वर्षों से वह गिरफ्तारी से बच रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया।
उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
मिलन प्रधान नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले उनकी गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत का मामला राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामलों में लगे आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।