संदेशखाली: उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में मंगलवार को पुश्तैनी जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद और हाथापाई हो गई। इस घटना में संदेशखाली आंदोलन के दौरान चर्चित हुईं हिंगलगंज की BJP विधायक रेखा पात्रा पर अपने रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने और मौके पर पहुंची पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें खेत के पास दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
करीब 9 बीघा पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, संदेशखाली के बौठाकुरानी गांव में रेखा पात्रा का मायका है। उनके परिवार की करीब 9 बीघा पुश्तैनी जमीन को लेकर रिश्तेदारों के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा है। जमीन को लेकर मामला अदालत तक पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि 2025 में जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद के बाद मामला बशीरहाट अदालत में पहुंचा था। अदालत के आदेश के तहत संबंधित जमीन को लेकर यथास्थिति बनाए रखने की बात कही गई थी और खेती से जुड़े अधिकार को लेकर भी निर्देश दिए गए थे। मंगलवार को इसी जमीन पर खेती करने के लिए संजीत नस्कर और उनके परिजन पहुंचे थे। आरोप है कि इसकी जानकारी मिलने के बाद रेखा पात्रा भी अपने समर्थकों और मायके के लोगों के साथ मौके पर पहुंचीं। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
बहस के बाद हाथापाई, पुलिस ने संभालने की कोशिश की
जमीन पर खेती करने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में तीखी बहस और धक्का-मुक्की में बदल गया। आरोप है कि रेखा पात्रा और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हाथापाई हुई। स्थिति बिगड़ने पर संदेशखाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की। इसी दौरान रेखा पात्रा पर पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की मौजूदगी के बीच विवाद होता नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं के पूरे संदर्भ और उसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
केंद्रीय बलों की मौजूदगी में भी नहीं थमा विवाद
घटना के समय इलाके में केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी की बात कही जा रही है। इसके बावजूद कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तनाव और बहस जारी रही। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। खासकर रेखा पात्रा के संदेशखाली आंदोलन से जुड़े पुराने राजनीतिक संदर्भ को देखते हुए इस घटना ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
रेखा पात्रा के खिलाफ शिकायत का दावा
दूसरे पक्ष की ओर से रेखा पात्रा और उनके सहयोगियों के खिलाफ संदेशखाली थाने में लिखित शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है। शिकायत में मारपीट, धमकी और अदालत के आदेश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। वहीं, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो फुटेज के अलावा मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने के आसार
घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ओर से रेखा पात्रा के आचरण को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है, जबकि BJP की ओर से मामले को अलग नजरिए से पेश किया जा सकता है। फिलहाल, जमीन विवाद में हुई झड़प और पुलिस के साथ कथित धक्का-मुक्की के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। किसी भी पक्ष के खिलाफ आरोपों को अदालत या जांच एजेंसी द्वारा साबित किए जाने से पहले उन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।