कोलकाता. बागी तृणमूल कांग्रेस सांसद सायोनी घोष ने शनिवार को कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी यदि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ गठबंधन करती है तो यह शक्तिशाली संदेश देगा। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर साबित होगा कि टीएमसी-कांग्रेस गठबंधन सच्चा है न कि सिर्फ नाम का। घोष उन 20 बागी टीएमसी सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने जून में नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर लिया था। नंदीग्राम उपचुनाव के बीच उनका यह बयान सियासी हलचल बढ़ा रहा है।
नंदीग्राम उपचुनाव और राजनीतिक तूफान
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को निर्धारित है और पश्चिम बंगाल में इसने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुराने हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार किया गया। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी गुट को ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और फुटबॉल खिलाड़ी का चिन्ह आवंटित किया। इसके बाद उनके उम्मीदवार संचिता प्रधान दे ने नामांकन वापस ले लिया और ममता गुट ने कांग्रेस के प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। इस पूरे घटनाक्रम ने गठबंधन की चर्चा को तेज कर दिया है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में गठबंधन की उम्मीद
कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए सायोनी घोष ने कहा कि वे उम्मीद करती हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस टीएमसी के साथ गठबंधन करे। उन्होंने आगे कहा कि यदि ऐसा होता है तो यह शक्तिशाली संदेश जाएगा कि यह गठबंधन सच्चा है सिर्फ नाम का नहीं। घोष के अनुसार सच्ची साझेदारी दोनों दलों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करेगी। नंदीग्राम जैसे संवेदनशील सीट पर यह सहयोग चुनावी समीकरण बदल सकता है। बागी खेमे से आए इस बयान ने गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा बढ़ा दी है।
बागी गुट और पार्टी विवाद की पृष्ठभूमि
सायोनी घोष समेत 20 सांसदों ने जून में टीएमसी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय किया था। पार्टी के अंदरूनी विवाद और चुनाव चिन्ह तथा नाम को लेकर चल रहे संघर्ष के बीच नंदीग्राम उपचुनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया। ममता गुट द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने के फैसले के बाद बागी खेमे से सकारात्मक प्रतिक्रिया आने से गठबंधन की चर्चा ने जोर पकड़ा है। घोष का बयान दोनों दलों के बीच सहयोग की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
गठबंधन का संभावित संदेश और प्रभाव
सायोनी घोष के अनुसार टीएमसी-कांग्रेस गठबंधन सिर्फ चुनावी गणित नहीं बल्कि सच्ची साझेदारी का प्रतीक बनेगा। शक्तिशाली संदेश से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में विश्वास बढ़ेगा। नंदीग्राम उपचुनाव में यह सहयोग नतीजों को प्रभावित कर सकता है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विपक्षी एकजुटता की चर्चा पहले से चल रही है। घोष के बयान ने इस चर्चा को नई दिशा दी है। आगे दोनों दलों के बीच औपचारिक समझ कैसे बनती है यह देखने वाली बात होगी। सियासी हलकों में इस विकासक्रम पर नजर रखी जा रही है।