विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण बुधवार से शुरू हो गया। पूरे परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय की मौजूदगी में विधायकों ने एक-एक कर शपथ ली।
शुभेंदु अधिकारी ने चुना भवानीपुर, नंदीग्राम सीट खाली
सबसे ज्यादा चर्चा शुभेंदु अधिकारी के फैसले की रही। उन्होंने नंदीग्राम के बजाय भवानीपुर से विधायक के रूप में शपथ ली। इससे पहले वे नंदीग्राम से चुनाव जीत चुके थे, लेकिन इस बार दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद उन्होंने भवानीपुर को चुना। उनके इस फैसले के बाद नंदीग्राम सीट खाली हो गई है, जिससे उपचुनाव की संभावना तेज हो गई है।
हुमायूं कबीर ने शुरू किया नोवदा से नया अध्याय
मुरशिदाबाद के नेता हुमायूं कबीर ने भी शपथ ली, लेकिन इस बार वे रेजीनगर नहीं बल्कि नोवदा के विधायक बने। लंबे समय से अपने पुराने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब उन्होंने नए क्षेत्र से राजनीतिक जिम्मेदारी संभालना शुरू किया है।
विधानसभा परिसर में दिनभर रही हलचल
सुबह से ही विधानसभा परिसर में भारी सुरक्षा के बीच विधायकों का आगमन शुरू हो गया था। नए सदस्यों के शपथ ग्रहण को लेकर माहौल काफी सक्रिय और राजनीतिक रूप से उत्साहित नजर आया।
तापस रॉय ने दिलाई शपथ, आगे स्पीकर चुनाव की तैयारी
प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने सभी नव-निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने लोकभवन में राज्यपाल आर.एन. रवि से प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ ली थी। उन्होंने जानकारी दी कि शपथ ग्रहण प्रक्रिया अगले दिन भी जारी रहेगी और इसके बाद 15 मई को नए विधानसभा स्पीकर का चुनाव किया जाएगा।
विधानसभा में दिखी राजनीतिक रंगत और बदलाव का संकेत
विधानसभा परिसर में इस बार गेरुआ रोशनी और नए राजनीतिक माहौल की झलक भी देखने को मिली। पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक जानकार सत्ता संतुलन और रणनीति में बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी का भवानीपुर चुनना और नंदीग्राम का खाली होना आने वाले समय में राज्य की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।