रामपुरहाट (वीरभूम): पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के वीरभूम जिले के पहले प्रशासनिक दौरे को लेकर तैयारियां तेज हैं। रामपुरहाट के रक्तकरबी ऑडिटोरियम में होने वाली समीक्षा बैठक से पहले बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय ने मीडिया से बातचीत कर जिले की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और लंबित मांगों की जानकारी दी। सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री के सामने जिले से जुड़े करीब 18 प्रमुख विकास प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनमें सड़क, स्वास्थ्य, पुल और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के सामने रखे जाएंगे 18 विकास प्रस्ताव
शताब्दी रॉय ने बताया कि प्रशासनिक समीक्षा बैठक के लिए उनके क्षेत्र से संबंधित करीब 18 मांगों और प्रस्तावों की सूची तैयार की गई है। उनका कहना है कि इन प्रस्तावों के जरिए जिले की लंबे समय से लंबित विकास जरूरतों को मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।
प्रस्तावों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- ग्रामीण और शहरी सड़कों का निर्माण एवं सुधार
- नए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की मांग
- ICDS भवनों का निर्माण
- विभिन्न इलाकों में पुलों का निर्माण
- लंबित विकास परियोजनाओं को गति देने की मांग
- पहले से स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
शताब्दी रॉय ने उम्मीद जताई कि बैठक में इन परियोजनाओं की स्थिति पर सकारात्मक चर्चा होगी और लंबित कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
‘दिशा’ बैठकों में सभी जनप्रतिनिधियों को बुलाने का दावा
प्रशासनिक बैठकों में विपक्षी जनप्रतिनिधियों को कथित तौर पर नजरअंदाज किए जाने के आरोपों पर भी शताब्दी रॉय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि जब भी वह जिला स्तरीय ‘दिशा’ (DISHA) समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करती हैं, संबंधित क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों को बैठक में आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुबराजपुर के भाजपा विधायक को भी पहले दिशा बैठक में आमंत्रित किया गया था। उनके अनुसार, विधायक बैठक में शामिल हुए और अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों तथा सुझावों को सामने रखा।
पहली बड़ी प्रशासनिक समीक्षा बैठक पर नजर
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के कार्यकाल में वीरभूम की यह पहली बड़ी जिला स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक मानी जा रही है। ऐसे में जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की नजर बैठक के संभावित फैसलों पर टिकी है। शताब्दी रॉय ने कहा कि बैठक के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी कि सरकार जिले के लिए किन नई योजनाओं को मंजूरी देती है और किन परियोजनाओं के लिए वित्तीय आवंटन किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक समाप्त होने के बाद वह मीडिया के सामने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए 18 प्रस्तावों और बैठक के प्रमुख निष्कर्षों की जानकारी साझा करेंगी।
वीरभूम के विकास पर रहेगी नजर
रामपुरहाट में होने वाली समीक्षा बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब तारापीठ में आगामी कौशिकी अमावस्या को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज हैं। ऐसे में बैठक में धार्मिक पर्यटन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, कानून-व्यवस्था और जिले के व्यापक विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि सांसद शताब्दी रॉय द्वारा रखे गए 18 विकास प्रस्तावों में से किन मांगों पर सरकार तत्काल निर्णय लेती है और वीरभूम के लिए कितनी नई परियोजनाओं की घोषणा होती है।