कोलकाता: बांग्ला सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की 100वीं जयंती पर पश्चिम बंगाल में चार दिवसीय जन्मशताब्दी समारोह की शुरुआत हो गई है। 3 सितंबर से 6 सितंबर तक चलने वाले इन आयोजनों में फिल्म स्क्रीनिंग, हेरिटेज वॉक, चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महानायक की सिनेमाई विरासत से जुड़े कई आयोजन किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने इस मौके पर फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं। टॉलीगंज में उत्तम कुमार की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि के साथ समारोह की शुरुआत हुई, जिसमें बंगाली फिल्म उद्योग के कई प्रमुख कलाकार और फिल्मकार एक मंच पर नजर आए। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि बंगाल को भारतीय सिनेमा में अपना पुराना गौरव फिर हासिल करना चाहिए और सरकार फिल्म उद्योग को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार है।
टॉलीवुड में राजनीति नहीं, प्रतिभा और काम पर जोर
जन्मशताब्दी समारोह का एक प्रमुख संदेश बंगाली फिल्म उद्योग को राजनीतिक खींचतान से दूर रखने का रहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फिल्म जगत को भरोसा दिलाया कि सरकार टॉलीवुड के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप या माइक्रो-मैनेजमेंट नहीं करेगी। उन्होंने फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों से कहा कि अगर उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर, बजट, अनुमति या कानून में बदलाव की जरूरत है तो सरकार को बताया जाए। सरकार उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सहयोग करने के लिए तैयार है। समारोह में रंजीत मल्लिक, प्रसेंजीत चटर्जी, देव, जीत, ऋतुपर्णा सेनगुप्ता, संदीप रे समेत बंगाली फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। खास बात यह रही कि अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े माने जाने वाले फिल्मी चेहरे भी महानायक को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मंच पर दिखाई दिए।
बंगाल में शूटिंग पर 30% सब्सिडी का प्रस्ताव
जन्मशताब्दी समारोह के दौरान अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने बंगाल में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए 30% सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने की बात कही। मिथुन चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि यह प्रोत्साहन जरूरी नहीं कि सीधे नकद भुगतान के रूप में दिया जाए। इसे टैक्स एडजस्टमेंट के माध्यम से लागू करने पर विचार किया जा सकता है। इस प्रस्ताव की विस्तृत रूपरेखा फिल्म उद्योग और संबंधित फेडरेशनों के साथ चर्चा के बाद तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल कभी भारतीय सिनेमा का नेतृत्व करता था, लेकिन अब मुंबई और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगों ने काफी बढ़त बना ली है। उन्होंने बंगाली फिल्म उद्योग को फिर से मजबूत स्थिति में लाने की जरूरत पर जोर दिया।
न्यू टाउन में बनेगा उत्तम कुमार फिल्म सेंटर
जन्मशताब्दी के अवसर पर राज्य सरकार ने न्यू टाउन में उत्तम कुमार फिल्म सेंटर स्थापित करने की योजना भी आगे बढ़ाई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसकी आधारशिला 4 सितंबर को रखी जानी है और इसके लिए शुरुआती तौर पर ₹25 करोड़ का आवंटन किया गया है। इस केंद्र का उद्देश्य आधुनिक फिल्म निर्माण और संबंधित गतिविधियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है। सरकार ने इसे बंगाल के फिल्म उद्योग को नई गति देने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया है। इसके साथ ही उत्तम कुमार के नाम पर बने उत्तम मंच के आधुनिकीकरण और अभिनेता से जुड़े स्मृति स्थलों के संरक्षण की योजनाएं भी सामने आई हैं। इन कदमों का उद्देश्य महानायक की विरासत को सिर्फ यादों तक सीमित रखने के बजाय उसे आने वाली पीढ़ियों से जोड़ना है।
नंदन से निकली हेरिटेज वॉक
जन्मशताब्दी समारोह के दौरान नंदन-रवींद्र सदन परिसर से हेरिटेज वॉक भी आयोजित की गई। इसमें फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। यह यात्रा कोलकाता के उन सांस्कृतिक स्थलों से होकर गुजरी, जिनका शहर के फिल्म और कला जगत से गहरा संबंध रहा है। समारोह का उद्देश्य सिर्फ उत्तम कुमार की फिल्मों को दोबारा प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उनकी सिनेमाई विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। कार्यक्रमों में पुरानी फिल्मों की स्क्रीनिंग, प्रदर्शनियां, चर्चाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं।
‘नायक’ और क्लासिक फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग
उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनके अभिनय से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जा रही है। सत्यजीत रे की चर्चित फिल्म ‘नायक’ भी इस समारोह का प्रमुख आकर्षण है। इसके अलावा उत्तम कुमार की लोकप्रिय फिल्मों को दुर्लभ सेलुलॉयड प्रिंट के जरिए प्रदर्शित करने की भी योजना है। इसका मकसद दर्शकों को उस दौर के सिनेमाई अनुभव से फिर जोड़ना है, जब उत्तम कुमार बंगाली सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल थे।
डाक टिकट से लेकर स्मृति कार्यक्रम तक
उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के मौके पर भारत सरकार की ओर से विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया गया है। केंद्र और राज्य स्तर पर उनके जीवन, अभिनय और बंगाली सिनेमा में योगदान को याद करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तम कुमार की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर महानायक के कालजयी अभिनय और पीढ़ियों पर उनके प्रभाव को याद किया। इससे पहले ‘मन की बात’ में भी उत्तम कुमार की सिनेमाई यात्रा और ‘नायक’ में उनके अभिनय का उल्लेख किया गया था।
100 साल बाद भी कायम है महानायक का जादू
3 सितंबर 1926 को जन्मे उत्तम कुमार ने बंगाली सिनेमा को देशभर में एक अलग पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रोमांटिक नायक के रूप में उनकी लोकप्रियता के साथ-साथ गंभीर और चरित्र भूमिकाओं में उनके अभिनय ने भी उन्हें अलग मुकाम दिया। 1980 में निधन के दशकों बाद भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। उनकी फिल्मों, संवादों और अभिनय शैली को आज भी बंगाली दर्शकों के बीच खास स्थान हासिल है। यही वजह है कि उनकी जन्मशताब्दी का समारोह केवल एक अभिनेता की जयंती नहीं, बल्कि बंगाली सिनेमा के स्वर्णिम दौर की विरासत को दोबारा याद करने का अवसर बन गया है। चार दिवसीय कार्यक्रम 6 सितंबर तक जारी रहेगा, जबकि राज्य सरकार की योजना उत्तम कुमार की विरासत से जुड़े आयोजनों को आगे भी व्यापक स्तर पर जारी रखने की है ।