कोलकाता: पश्चिम बंगाल के स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ का गायन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अगर कोई स्कूल सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और सरकारी सहायता पर भी रोक लग सकती है।
स्कूलों की प्रार्थना सभा में ‘वंदे मातरम’ पर जोर
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्कूलों की प्रार्थना सभा में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रीय भावना और देश के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए स्कूल स्तर से ही ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को चेतावनी
सुवेंदु अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकारी निर्देशों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रार्थना सभा के दौरान निर्धारित तरीके से ‘वंदे मातरम’ का गायन हो। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित स्कूलों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
सरकारी सहायता रोकने का भी दिया संकेत
मुख्यमंत्री की चेतावनी का सबसे अहम हिस्सा सरकारी सहायता से जुड़ा है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर कोई स्कूल ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़े निर्देशों को लागू नहीं करता है, तो ऐसे संस्थानों को मिलने वाली सरकारी मदद रोकने की कार्रवाई की जा सकती है। इससे स्कूल प्रबंधन पर सरकार के निर्देशों का पालन करने का दबाव बढ़ गया है।
स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी तय
सरकार के निर्देशों को जमीन पर लागू कराने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि स्कूल निर्धारित व्यवस्था का पालन कर रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के बयान के बाद स्कूल प्रशासन के लिए इस मुद्दे को गंभीरता से लेना जरूरी हो गया है।
शिक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय भावना पर सरकार का जोर
सुवेंदु अधिकारी सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, राष्ट्रीय भावना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को महत्व देने की बात कहती रही है। ‘वंदे मातरम’ को लेकर मुख्यमंत्री का ताजा बयान भी इसी रुख का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का जोर है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ देश और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना से भी जोड़ा जाए।
‘वंदे मातरम’ को लेकर बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में ‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज होने की संभावना है। स्कूलों में इसके गायन को सरकारी सहायता से जोड़ने के फैसले पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री ने अपने रुख से यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर सख्ती से आगे बढ़ने के मूड में है।
स्कूलों के लिए क्या है मुख्यमंत्री का संदेश?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का सीधा संदेश है कि स्कूलों को सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा। ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर किसी तरह की लापरवाही या निर्देशों की अनदेखी को सरकार गंभीरता से लेगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर सरकारी सहायता रोकने जैसी कार्रवाई की चेतावनी ने इस पूरे मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है।