कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बड़ा बयान देते हुए कहा कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच पिछली सरकार के कार्यकाल में पुलिस का कई मामलों में दुरुपयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर निर्दोष लोगों और सनातन धर्म को मानने वाले लोगों पर अत्याचार किए गए। मुख्यमंत्री ने चार प्रमुख घटनाओं का उल्लेख करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और अन्य विभागीय कार्रवाई की घोषणा की।
कालियागंज हत्याकांड में एसआई पर FIR और निलंबन
मुख्यमंत्री ने उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राजबंशी परिवार की नौवीं कक्षा की छात्रा की हत्या के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस ने कथित रूप से दुर्व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान राजबंशी युवक मृत्युंजय बर्मन की कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई में मौत हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद तत्कालीन एसआई हुसैन को निलंबित किया जा रहा है और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर और कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
पंकज दत्ता मामले में दो अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पंकज दत्ता का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें तत्कालीन सरकार के निर्देश पर बटतला थाने में घंटों बैठाकर परेशान किया गया था। इस मामले में जांच अधिकारी एसआई साधन दास को निलंबित करने की घोषणा की गई है। साथ ही उस समय बटतला थाने के प्रभारी रहे और वर्तमान में स्पेशल ब्रांच में तैनात सुबर्ण दत्ता को भी निलंबित किया गया है।
जगद्धात्री पूजा विसर्जन लाठीचार्ज मामले में कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कृष्णनगर की ऐतिहासिक जगद्धात्री पूजा के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं पर कथित लाठीचार्ज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में इंस्पेक्टर अमलेंदु विश्वास को निलंबित किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
काकद्वीप काली पूजा घटना में IPS अधिकारी सस्पेंड
मुख्यमंत्री ने दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप स्थित सौजन्यनगर में काली पूजा के दौरान मां काली की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने घोषणा की कि उस समय सुंदरबन पुलिस जिले के आईपीएस अधिकारी कोटेश्वर राय को निलंबित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पिछली घटनाओं की समीक्षा कर रही है और जिन मामलों में पुलिस अधिकारियों द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग या लापरवाही सामने आएगी, वहां कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।