हावड़ा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान के बाद हावड़ा के उदय नारायणपुर में एक बुजुर्ग मतदाता की मौत को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मृतक के परिवार ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय बल के जवान के धक्के के कारण बुजुर्ग की जान गई। हालांकि, गुरुवार को चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इस घटना का सच सबके सामने रखा है।
चुनाव आयोग ने पेश किया वीडियो सबूत
इलेक्शन कमीशन ने गुरुवार को इस मामले पर विशेष संदेश जारी किया। आयोग ने न केवल मौखिक बयान दिया, बल्कि सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वीडियो दिखाकर स्थिति स्पष्ट की। आयोग के अनुसार, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बुजुर्ग व्यक्ति को किसी ने धक्का नहीं दिया है।
क्या था आरोप और क्या है सच्चाई?
टीएमसी का आरोप: तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि केंद्रीय बलों के अत्याचार के कारण एक बुजुर्ग की मौत हुई है। मृतक के परिवार ने भी दावा किया था कि बूथ पर जवानों के धक्के से बुजुर्ग गिर गए थे।
आयोग का पक्ष: उदय नारायणपुर के सामान्य पर्यवेक्षक (General Observer) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति ने अपना वोट डाल दिया था। वोट डालने के बाद, जब वह बाहर निकल रहे थे, तब अचानक बीमारी (अस्वस्थता) के कारण वे मतदान केंद्र के पास गिर पड़े।
राजनीतिक विवाद
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इसे सुरक्षा बलों का अत्याचार बताया था। लेकिन चुनाव आयोग ने वीडियो सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा बलों की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। फिलहाल आयोग ने सभी से भ्रामक खबरें न फैलाने की अपील की है।