कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार राज्य में नए उद्योगों और निवेशकों को आकर्षित करने की तैयारी में जुट गई है। सरकार जल्द ही नई औद्योगिक नीति लाने जा रही है। इसी सिलसिले में प्रस्तावित नीति के क्रियान्वयन की अंतिम रूपरेखा तैयार करने के लिए विशेष मंत्री समूह ने उद्योगपतियों और विभिन्न वाणिज्यिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
करीब तीन घंटे तक चली बैठक
नबान्न सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक करीब तीन घंटे तक चली। इसमें मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, उद्योग मंत्री तापस राय, श्रम व परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता और पर्यटन मंत्री शंकर घोष शामिल हुए। बैठक के दौरान राज्य में नए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। उद्योगपतियों और वाणिज्यिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की बातों को भी ध्यान से सुना गया। बैठक के बाद उद्योग मंत्री तापस राय ने कहा कि राज्य में नए उद्योग और निवेशक लाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में पूरी तरह नए दृष्टिकोण के साथ काम शुरू करना चाहती है। प्रस्तावित औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नीति बनाने से पहले ली जाएगी सबकी राय
बैठक में उद्योगपतियों और वाणिज्यिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना गया। उनके सुझावों को दर्ज किया गया है और इन्हें प्रस्तावित औद्योगिक नीति में शामिल किया जाएगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि औद्योगिक नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न वाणिज्यिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से राय ली गई है। सरकार का प्रयास है कि नीति तैयार करते समय संबंधित क्षेत्रों की बातों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में इस तरह की सकारात्मक और व्यापक चर्चा पहले देखने को नहीं मिली। उद्योगपतियों से मिले सुझावों को नीति के अंतिम स्वरूप में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसी नीति तैयार करना है, जिसमें विभिन्न वाणिज्यिक क्षेत्रों की बातों को जगह मिल सके।
भूमि अधिग्रहण पर सरकार का भरोसा
बंगाल में औद्योगिक विकास के लिए भूमि अधिग्रहण लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। सिंगूर के अतीत का संदर्भ सामने आने पर उद्योग मंत्री तापस राय ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी, जिससे उद्योगों के हितों या राज्य के लोगों के विश्वास को ठेस पहुंचे। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि औद्योगिक विकास से जुड़े सभी फैसले पारदर्शी और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिए जाएं। भूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार उद्योगों के हितों और लोगों के विश्वास, दोनों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने की बात कह रही है। उद्योग मंत्री ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक विकास के फैसलों में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का प्रयास है कि उद्योगों के विकास के साथ लोगों के विश्वास को भी बनाए रखा जाए।
राज्य के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष जोर
श्रम व परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हमेशा से बंगाल की स्थिति से गहराई से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि वह राज्य में भाजपा के प्रचार और समग्र राजनीतिक स्थिति की निगरानी के लिए कई बार बंगाल का दौरा कर चुकी हैं। अर्जुन सिंह के मुताबिक, वित्तीय मामलों के अलावा राज्य की अन्य परिस्थितियों को लेकर भी केंद्रीय वित्त मंत्री की स्पष्ट समझ है। हाल की चर्चा और बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री ने राज्य के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष जोर देने की इच्छा जताई है। इन क्षेत्रों को लेकर सरकार की ओर से भी चर्चा की गई है। राज्य के औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास के साथ इन क्षेत्रों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी दिशा में आगे की नीति और कार्ययोजना पर ध्यान दिया जाएगा।
चाय बागान श्रमिकों और वस्त्र उद्योग पर फोकस
अर्जुन सिंह के मुताबिक, राज्य के जिन दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष जोर देने की बात कही गई है, उनमें चाय बागान श्रमिकों का विकास तथा वस्त्र उद्योग और बुनकरों की सुरक्षा प्रमुख हैं। चाय बागान श्रमिकों के विकास को लेकर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। इसके साथ ही वस्त्र उद्योग से जुड़े लोगों और बुनकरों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है। बैठक में इन क्षेत्रों को लेकर विशेष चर्चा की गई। राज्य में इन दोनों क्षेत्रों से जुड़े लोगों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे की दिशा तय करने की बात कही गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से भी इन क्षेत्रों पर विशेष जोर देने की इच्छा जताई गई है। सरकार की प्रस्तावित औद्योगिक नीति में इन विषयों को भी महत्व दिए जाने की बात सामने आई है।
निवेशकों को आकर्षित करने की तैयारी
सरकार नई औद्योगिक नीति के जरिए राज्य में नए उद्योगों और निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उद्योग मंत्री तापस राय के अनुसार, राज्य में नए उद्योग और निवेशक लाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। सरकार इस क्षेत्र में पूरी तरह नए दृष्टिकोण के साथ काम शुरू करना चाहती है। इसी उद्देश्य से उद्योगपतियों और विभिन्न वाणिज्यिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में मिले सुझावों को प्रस्तावित नीति में शामिल करने की तैयारी है। सरकार का प्रयास है कि नीति तैयार करने से पहले उद्योग जगत से जुड़े लोगों की राय सामने आए। नए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार इस नीति को महत्वपूर्ण कदम के तौर पर आगे बढ़ा रही है।
पारदर्शी फैसलों पर सरकार का जोर
औद्योगिक विकास से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात सरकार की ओर से कही गई है। भूमि अधिग्रहण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी उद्योग मंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, जिससे उद्योगों के हितों या राज्य के लोगों के विश्वास को ठेस पहुंचे। सरकार औद्योगिक विकास के फैसलों में पारदर्शिता बनाए रखने की बात कह रही है। उद्योगों के विकास के साथ लोगों के विश्वास को भी ध्यान में रखा जाएगा। प्रस्तावित औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने से पहले उद्योगपतियों और वाणिज्यिक क्षेत्रों के सुझाव लिए जा रहे हैं। सरकार इन्हीं सुझावों के आधार पर नीति के क्रियान्वयन की अंतिम रूपरेखा तैयार करने की तैयारी में है।
पश्चिम बंगाल सरकार नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने की तैयारी में है। इसके लिए उद्योगपतियों और विभिन्न वाणिज्यिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की गई। बैठक में मिले सुझावों को प्रस्तावित नीति में शामिल करने की बात कही गई है। सरकार का प्रमुख लक्ष्य राज्य में नए उद्योगों और निवेशकों को आकर्षित करना है। भूमि अधिग्रहण को लेकर भी उद्योग मंत्री ने पारदर्शी और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही चाय बागान श्रमिकों के विकास और वस्त्र उद्योग तथा बुनकरों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। अब प्रस्तावित औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।