कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अरण्य सप्ताह की शुरुआत के मौके पर आज राज्य सचिवालय 'नवान्न' में एक बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मी देखने को मिली। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोलकाता पहुंचकर राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, कृषि मंत्री दूधकुमार मंडल और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।
इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बंगाल के ग्रामीण श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत और ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि 'एल नीनो' या किसी भी अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में श्रमिकों के लिए 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन' यानी VB-G RAM G योजना (पुरानी मनरेगा योजना की जगह आई नई व्यवस्था) के तहत निर्धारित 125 दिनों के रोजगार को आवश्यकता पड़ने पर 50 दिन और बढ़ाकर 175 दिन कर दिया जाएगा।
'विकास में रोड़ा बना तृणमूल का भ्रष्टाचार'
केंद्रीय मंत्री ने नवान्न की धरती से ही पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय परियोजनाओं में हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा: "केंद्र सरकार ने पहले भी बंगाल के विकास के लिए पर्याप्त फंड भेजा था। लेकिन राज्य के पूर्ववर्ती सत्ताधारी नेताओं के भ्रष्टाचार की वजह से योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पाईं और आम जनता को उनके अधिकारों से वंचित रहना पड़ा।"
शिवराज सिंह चौहान ने आंकड़ों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस साल मार्च तक हाईवे, रेलवे और मेट्रो समेत अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्र ने बंगाल को 82,492 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, लेकिन टीएमसी राज में भ्रष्टाचार के चलते काम बाधित हुआ। उन्होंने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के बिना 'विकसित भारत' का सपना पूरा नहीं हो सकता।"
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बड़ा बयान: "2.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगा लाभ"
बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मुलाकात को पूरी तरह सकारात्मक और मील का पत्थर बताया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बड़े ऐलान:
1. ग्रामीण रोजगार (VB-G RAM G): बंगाल के 2 करोड़ 56 लाख जॉब कार्ड धारकों को साल में 125 दिनों की गारंटीड काम की सुविधा मिलेगी। इस योजना में 60% खर्च केंद्र और 40% राज्य सरकार उठाएगी।
2. पीएम आवास योजना: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बंगाल में 1 लाख नए घर बनाने की वित्तीय मंजूरी दे दी है। पात्र लाभार्थियों के सत्यापन (Verification) की समय सीमा को बढ़ाकर अब 15 अगस्त कर दिया गया है।
3. ग्राम सड़क योजना: ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाने के लिए केंद्र की ओर से 1,000 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
4. पीएम धनधान्य योजना: दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, झाड़ग्राम और पुरुलिया जैसे आदिवासी व पिछड़े जिलों में 'प्रधानमंत्री धनधान्य योजना' शुरू की जाएगी।
क्या है VB-G RAM G योजना?
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 20 साल पुरानी 'मनरेगा' (MGNREGA) योजना को बदलकर नई VB-G RAM G योजना लागू की है। इस नई नीति के तहत अब 100 दिनों के बजाय साल में न्यूनतम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है, जिसमें दैनिक न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये तय की गई है। बंगाल की नई सरकार ने अब इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने का फैसला किया है।