कोलकाता: पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) को लागू करने की दिशा में सुवेंदु अधिकारी सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य सरकार ने ड्राफ्ट UCC बिल की विस्तृत जांच के लिए नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।
ड्राफ्ट बिल की बारीकी से होगी जांच
सरकार की ओर से गठित समिति को UCC के प्रस्तावित कानून का व्यापक अध्ययन और समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का कहना है कि बिल का विषय काफी व्यापक है और इसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए इसे आगे बढ़ाने से पहले विशेषज्ञ स्तर पर पूरी तरह जांचना जरूरी है।
शादी, तलाक और विरासत जैसे मुद्दे शामिल
प्रस्तावित UCC का उद्देश्य धर्म, समुदाय या आस्था से अलग सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत नागरिक कानूनों का एक समान ढांचा तैयार करना है। इसके दायरे में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए जाने की बात सामने आई है।
नौ सदस्यीय समिति में कई विशेषज्ञ
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के अलावा समिति में पूर्व मेघालय राज्यपाल तथागत रॉय, रेजिडेंट कमिश्नर दुष्यंत नारियाला, सेवानिवृत्त IAS अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, गृह एवं पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव संघमित्रा घोष, शिक्षाविद डॉ. रत्ना भट्टाचार्य, गौड़ बंग विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गोपालचंद्र मिश्रा, अधिवक्ता उस्मान गनी मलिक और पूर्व कार्यकारी निदेशक निर्मल्य भट्टाचार्य शामिल हैं।
चार हफ्ते में सिफारिश की तैयारी
समिति से ड्राफ्ट बिल की समीक्षा के बाद सरकार को अपनी सिफारिशें देने की उम्मीद है। इसके आधार पर ही UCC को विधानसभा में आगे बढ़ाने से जुड़े अगले कदम तय किए जाएंगे। कैबिनेट ने इस समिति के गठन को 2 जुलाई की बैठक में मंजूरी दी थी।
UCC को लेकर सुवेंदु अधिकारी का रुख साफ
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा था कि इसके लिए निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी तथा गुजरात, उत्तराखंड और असम जैसे राज्यों के अनुभवों को ध्यान में रखा जाएगा।
आगे क्या होगा?
अब समिति की रिपोर्ट और सिफारिशें इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगी। सरकार रिपोर्ट के आधार पर ड्राफ्ट में जरूरी बदलाव कर सकती है और उसके बाद विधानसभा में UCC बिल लाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। अगस्त में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी संकेत दिया था कि UCC के बाद उनकी सरकार अन्य कानूनी सुधारों पर आगे बढ़ेगी।