कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र अलीपुर (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए अगले 7 दिनों तक भारी बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश से नागालैंड तक सक्रिय ट्रफ लाइन और बांग्लादेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी प्रवेश कर रही है, जिससे पूरे राज्य में खराब मौसम की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश, भूस्खलन की चेतावनी
उत्तर बंगाल के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई। जलपाईगुड़ी के हिल्ला टी एस्टेट में 21 सेंटीमीटर और जीती टी एस्टेट में 18 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने 29 अप्रैल को जलपाईगुड़ी में अत्यंत भारी वर्षा यानी 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की संभावना जताई है। वहीं दार्जिलिंग और अलीपुरद्वार में 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
30 अप्रैल और 1 मई को भी जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
दक्षिण बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भी मौसम बिगड़ने की संभावना है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नदिया, उत्तर 24 परगना और पूर्वी बर्धमान सहित कई जिलों में 29 और 30 अप्रैल को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
हुगली और पश्चिम मेदिनीपुर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि 5 मई तक दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ते रहेंगे।
मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने पर रोक
समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
मछुआरों को 29 अप्रैल से 3 मई 2026 तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
चुनावी व्यवस्था पर भी असर
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और तूफान से कच्चे मकान, बिजली के खंभे, फसलें और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। चुनावी माहौल को देखते हुए अस्थायी मतदान केंद्रों और चुनावी कैंपों को सुरक्षित और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में न जाएं और सुरक्षित पक्के मकानों में रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है।