आज, 8 अप्रैल, भारतीय शेयर बाजार में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों ने महज कुछ ही घंटों में 14 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क सेंसेक्स करीब 2800 अंक या 4 प्रतिशत उछलकर 77392 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 800 से अधिक अंक या 3.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 23939 के स्तर पर चढ़ गया। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ चमकते रहे।
मिनटों में भारी मुनाफा
सेंसेक्स और निफ्टी में आई इस तेजी का असर इतना व्यापक रहा कि बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 429 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 443 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों ने कुछ ही मिनटों में 14 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।
तेजी के प्रमुख कारण
अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक स्थिरता – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा की, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध के खतरे के बारे में निवेशकों की चिंताएँ कम हुईं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट – ट्रंप के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI क्रूड 17 प्रतिशत से अधिक गिरकर 95 डॉलर के नीचे आ गया। भारत अपनी तेल जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए तेल की कीमत में गिरावट भारतीय कंपनियों के लिए लाभदायक साबित हुई।
आरबीआई की मौद्रिक नीति – भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा, जिससे निवेशकों का भरोसा और सेंटिमेंट मजबूत हुआ।
शॉर्ट कवरिंग का असर – बाजार में पहले से बिकवाली हो चुकी थी। पॉजिटिव खबरों के आने पर ट्रेडर्स अपनी शॉर्ट पोजीशन बंद करने लगे, जिससे तेजी और तेज़ हो गई।
बाजार पर व्यापक प्रभाव
इस तेजी ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया और बाजार में व्यापक उत्साह का माहौल तैयार किया। मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों की उछाल से यह संकेत मिलता है कि भारतीय शेयर बाजार में सुधार और निवेश की संभावनाएँ मजबूत बनी हुई हैं।