बेतवा नदी के किनारे बसा ओरछा इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का बेजोड़ उदाहरण है। ये शहर अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए पूरे देश में जाना जाता है। हर साल यहां लाखों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। जल्द ही ये रामनगरी यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होगी। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा तैयार कराए गए डोजियर को केंद्र सरकार ने यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति को सौंप दिया है, जिसे यूनेस्को ने स्वीकार कर लिया है। राम राजा सरकार की नगरी ओरछा मध्यप्रदेश की चौथी विश्व धरोहर बनने जा रही है। इसे लेकर सीएम डॉ मोहन यादव ने खुशी जाहिर की है।
यह निर्णय हर्ष और गर्व का विषय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह निर्णय हर्ष और गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब विश्वभर में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर की गूंज सुनाई देगी। राम राजा सरकार की नगरी 'ओरछा' मध्यप्रदेश की नई 'विश्व धरोहर' बनने जा रही है। यूनेस्को की आधिकारिक घोषणा के पश्चात ओरछा नगरी विश्व धरोहर बन जाएगी।सीएम ने देश के ओरछा नगर के विश्व धरोहर स्थल के रूप में चयन पर यूनेस्को पदाधिकारियों का आभार मानते हुए केंद्र सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के संस्कृति, पर्यटन विभाग सहित संपूर्ण मध्य प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
Comments (0)