मध्यप्रदेश विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान जिन नेताओं ने बागी बनकर भाजपा के प्रत्याशियों का विरोध किया था, ऐसे नेताओं की अब पार्टी में वापसी नहीं होगी। इनमें कई पूर्व विधायक भी शामिल हैं। पार्टी ने सभी मंडल और जिला अध्यक्षों को भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे नेताओं ने पार्टी की डिजिटल सदस्यता ले भी ली हो तो उसे निरस्त कर दें।
अनुशासनहीनता के मामले जिन लोगों पर हैं, उन्हें सक्रिय सदस्य भी नहीं बनाना है। इनमें कई कद्दावर नेता जैसे चाचौड़ा से पूर्व विधायक ममता मीणा, रसाल सिंह, नारायण त्रिपाठी, दीपक जोशी,केदार शुक्ला, रुस्तम सिंह, पूर्व सांसद बोध सिंह भगत, सहित कई दिग्गज शामिल हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान जिन नेताओं ने बागी बनकर भाजपा के प्रत्याशियों का विरोध किया था, ऐसे नेताओं की अब पार्टी में वापसी नहीं होगी। इनमें कई पूर्व विधायक भी शामिल हैं। पार्टी ने सभी मंडल और जिला अध्यक्षों को भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे नेताओं ने पार्टी की डिजिटल सदस्यता ले भी ली हो तो उसे निरस्त कर दें।
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