मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशहरा और देवी अहिल्याबाई होलकर के 300वें जन्म जयंती वर्ष पर डीआरपी लाइन में शस्त्र पूजन किया। मुख्यमंत्री ने देवी अहिल्याबाई के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर की प्रथम वाहिनी का नाम देवी अहिल्याबाई वाहिनी रखा जाएगा। युवाओं रोजगार से जोड़ने के लिए उन्होंने देवी अहिल्याबाई स्कील प्रोग्राम चलाने की घोषणा भी की।
1905 में बनी पुलिस लाइन में पहली बार शस्त्र पूजन में मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने एक हाथ में शस्त्र और दूसरे हाथ में शास्त्र लेकर नारी सशक्तीकरण, सुशासन, धर्म, सेवा प्रकल्पों का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशहरा और देवी अहिल्याबाई होलकर के 300वें जन्म जयंती वर्ष पर डीआरपी लाइन में शस्त्र पूजन किया। मुख्यमंत्री ने देवी अहिल्याबाई के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर की प्रथम वाहिनी का नाम देवी अहिल्याबाई वाहिनी रखा जाएगा। युवाओं रोजगार से जोड़ने के लिए उन्होंने देवी अहिल्याबाई स्कील प्रोग्राम चलाने की घोषणा भी की।
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