मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों का एकीकृत रोजगार राज्य पोर्टल बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार स्वरोजगार और रोजगार प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि युवाओं में रोजगार और स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल का विकास करना बेहद महत्वपूर्ण है। यह एकीकृत रोजगार राज्य पोर्टल युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं और क्षमताओं के अनुसार उचित अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की विभागों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वरोजगार और रोजगार सृजन के लिए कार्यरत 11 विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि प्रदेश में उद्योग में रोजगार की मांग, आवश्यक कौशल विकास, शासकीय योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण को एक ही प्लेटफार्म पर लाने के लिए सभी विभागों का एकीकृत रोजगार राज्य पोर्टल तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से युवाओं को रोजगार से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां और संसाधन एक जगह मिलेंगे, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अवसरों का चयन कर सकेंगे। यह पहल प्रदेश के विकास और युवाओं के लिए रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इन विभागों ने लिया भाग
बैठक में पिछले 10 महीनों में स्व-रोजगार और रोजगार सृजन के प्रयासों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी चार वर्षों में रोजगार सृजन के लिए एक विस्तृत कार्य-योजना पर चर्चा की गई।
इस बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नगरीय विकास एवं आवास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, श्रम विभाग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, पशुपालन एवं डेयरी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग शामिल थे।
इससे ये होगा फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एकीकृत रोजगार राज्य पोर्टल पर युवाओं को रोजगार संबंधी सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पोर्टल पर रोजगार की संख्या, आवेदन की प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं की जानकारी, योग्यता, प्रशिक्षण, उद्योग में उपलब्ध रोजगार की संख्या और उद्योगों का लॉगिन सहित रोजगार से संबंधित सभी पहलुओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
इससे युवाओं को एक ही स्थान पर रोजगार और स्वरोजगार संबंधी सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे सही निर्णय ले सकेंगे। इसके साथ ही सभी विभागों के प्रयासों की समीक्षा की जा सकेगी और वास्तविक लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त होगी। यह पोर्टल समग्र पोर्टल से भी लिंक होगा।
इन्टीग्रेटेड रोजगार राज्य पोर्टल के निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), श्रम विभाग, और कौशल विकास और रोजगार विभाग की एक संयुक्त समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों के साथ लगातार फॉलो-अप करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में आयोजित इंटरैक्टिव सेशनों और प्रदेश में संभागीय स्तर पर आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में कई कंपनियों ने नए उद्योगों की स्थापना, समझौतों (एमओयू) और निवेश संबंधी प्रतिबद्धताओं का प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन सभी निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए। उन्हें आवश्यक समर्थन प्रदान करते हुए सभी अनुमतियां समय पर जारी की जाएं।
इसके अलावा, उन्होंने सभी विभागों को स्व-मूल्यांकन करने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों की स्थापना के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
हर तीन महीने में होगी विभागों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय और समेकित प्रयासों के माध्यम से कार्य करें। उन्होंने कहा कि किसी जिले में किए जा रहे कौशल विकास और रोजगार सृजन के सफल प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए उन्हें अन्य जिलों में भी लागू किया जाना चाहिए।
सभी विभागों को अपने कौशल विकास, स्टार्ट-अप नीति, निवेश नीति और निवेश के अवसरों को साझा करने की आवश्यकता है, ताकि प्रदेश में रोजगार के अवसर उत्पन्न किए जा सकें और लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विभागों को उनके उत्पादों की आवश्यकतानुसार मार्केटिंग और ब्रांडिंग सपोर्ट के लिए योजनाएं बनानी चाहिए।
इसके अलावा, स्टार्ट-अप के विकास और उनके समर्थन प्रणाली के लिए विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि हर तीन महीने में विभागों के स्व-रोजगार और रोजगार सृजन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान और संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव भी उपस्थित रहे।
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