कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बयान पर कहा कि, वे पार्टी की सीनियर नेत्री हैं। बचपन से ही उनका त्यागमय जीवन रहा है। पूरा विषय मैंने उनके घर जाकर उन्हें बताया है। कश्यप गुरुवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कहा कि, उन्होंने सुझाव दिया है। हम उनके सुझाव पर गंभीरता से चिंतन करेंगे।
एमपी की पूरी 29 सीटें बीजेपी जीतेगी
उनका सुझाव अच्छा था व्यक्तियों को दान के प्रति आगे आना चाहिए। लोकसभा चुनाव को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा कि 29 सीटें जीतना बीजेपी का लक्ष्य है। पूरा विश्वास है इस बार एमपी की पूरी 29 सीटें बीजेपी जीतेगी। गुना हादसे पर उन्होंने कहा कि गुना की घटना दुखद है। पीड़ित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो उस पर काम करेंगे।
ये लिखा था उमा भारती ने अपनी पोस्ट में
उमा भारती ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा था कि, हाल ही में मंत्री बने तथा रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन कश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की है। अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी थी की वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जो कि साल भर का क़रीब 12 लाख होता है। 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौन सी बड़ी बात हैं।
चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें।
हमें यह याद रखना पड़ेगा की सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और न वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं।
एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों को तनख्वाह एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गांधी ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि वो हज़ारों करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक हैं। अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए।
अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन काश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनख्वाह एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलने चाहिए।
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