छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 2021 में पीएससी भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस भर्ती में घोटाले के आरोप लगे हैं। जिसकी जांच राज्य सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। सीजीपीएससी घोटाला मामले में सीबीआई ने छापेमारी शुरू कर दी है। 2021 में जिन 18 कैंडिडेट्स का चयन हुआ है, इसमें धांधली का शक है। उन सभी के घरों पर सीबीआई ने छापेमारी की है।
इसी बीच सीबीआई ने कुछ कैंडिडेट्स के घर दो दिन तक जांच की गई। कैंडिडेट्स के घर से 300 से अधिक किताबें और नोटबुक मिले, जिसे सीबीआई की टीम ने पढ़ा है। इसी के साथ ही मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप की जांच भी की गई है।
5 साल का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
छापामार कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम ने कुछ कैंडिडेट्स के घर से हार्ड डिक्स और पैनड्राइव जब्त की गई है। कैंडिडेट्स और उनके परिजनों के बैंक खाते की जांच भी सीबीआई कर रही है।
सीबीआई संदिग्ध कैंडिडेट्स और पीएससी के अधिकारियों का पिछले 5 साल का रिकॉर्ड व कॉल डिटेल समेत लोकेशन भी निकाल रही है। सीबीआई की टीम प्रश्न पत्र छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस भी पहुंची थी। जहां उसके मालिक और कर्मचारियों के भी बयान लिए गए हैं।
इन अफसरों के घर की गई जांच
सीबीआई की टीम ने पीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के घर छापा मारा, जहां जांच की। इसके बाद टामन के भतीजे नीतेश, बड़े भाई के बेटे साहिल, बहू निशा कोसले, भाई की बहू दीपा अजगले, बहन की बेटी सुनीता जोशी के घर पहुंची जहां तलाशी ली गई।
इसके बाद पीएससी सचिव जीवन किशोर के बेटे सुमित ध्रुव, कांग्रेस सरकार में राज्यपाल के सचिव रहे अमृत खलखो की बेटी नेहा व बेटा निखिल के घर जांच की गई। इसके साथ ही डीआईजी ध्रुव की बेटी साक्षी, कांग्रेस नेता के दामाद शशांक गोयल, कांग्रेस नेता की बेटी अनन्या अग्रवाल,
मंत्री के ओएसडी के साढू की बेटी खुशबू बिजौरा, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला की बेटी स्वर्णिम, कांग्रेस नेता के बेटे राजेंद्र कौशिक, मीनाक्षी गनवीर के घर पहुंचकर टीम ने तलाशी लेकर दस्तावेजों व अन्य की जांच की। वहीं कैंडिडेट्स से सीबीआई ने लंबी पूछताछ भी की है। अब इन्हें दफ्तर बुलाकर पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है।
दो माह पहले पीएससी दफ्तर में मारा था छापा
सीबीआई ने दो महीने पहले नवा रायपुर स्थित पीएससी दफ्तर में छापा मारा था। जहां से दस्तावेज, कंप्यूटर समेत परीक्षा से संबंधित कुछ रिकॉर्ड सीबीआई अपने साथ ले गई थी। इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच करा रहे हैं। चयनित कैंडिडेट्स की ओएमआर सीट भी जांच के लिए भेजी गई है। इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच सीबीआई बारीकी से करा रही है।
चार भर्ती परीक्षाओं में विवाद
सीजीपीएससी 2019 से 2022 तक की भर्ती में घोटाले के आरोपों को लेकर विवाद है। इसमें कुछ कैंडिडेट्स के चयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ईओडब्ल्यू और अर्जुदा पुलिस ने इस मामले में भ्रष्टाचार- अनियमितता के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पीएससी ने 2020 में 175 पदों पर और 2021 में 171 पदों पर परीक्षा आयोजित की थी। इन्हीं भर्तियों को लेकर ज्यादा विवाद हुआ है। इसमें आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों समेत कांग्रेसी नेता व ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की नौकरी इन भर्ती परीक्षाओं में धांधली कर लगवाई है।
इंटरव्यू बोर्ड में किसकी थी ड्यूटी, जांच जारी
इन परीक्षाओं में सीबीआई पड़ताल कर रही है कि किस अभ्यर्थी का इंटरव्यू किस बोर्ड के द्वारा लिया गया था। पीएससी ने इंटरव्यू के लिए तीन बोर्ड बनाए थे। एक बोर्ड में तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह मौजूद थे।
इसके अलावा दो और बोर्ड थे। सीबीआई इसमें यह देख रही है कि किस बोर्ड के साक्षात्कार में सबसे अधिक कैंडिडेट्स का चयन हुआ है। इन कैंडिडेट्स का या उनके परिजन से किसका नाता है। उनका 5 साल का गूगल लोकेशन से लेकर वाट्सएप चैट तक निकाली जा रही है।
Comments (0)