बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। झारखंड से लेकर मणिपुर तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में बादल छा सकते हैं।
सोमवार को जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। उधर, राजस्थान पर प्रति चक्रवात बनने के कारण हवाओं का रुख भी बार-बार बदल रहा है। वातावरण से नमी कम होने के कारण अब मौसम धीरे-धीरे साफ भी होने लगा है। इससे उमस से कुछ राहत मिलने लगी है।
प्रदेश में मानसून की हो सकती है वापसी
रविवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सतना में 13 मिलीमीटर बारिश हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान ग्वालियर में दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में उत्तरी गांगेय क्षेत्र और उससे लगे पश्चिम बंगाल पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। झारखंड से लेकर मणिपुर तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो उत्तरी गांगेय क्षेत्र एवं उससे लगे पश्चिम बंगाल पर बने चक्रवात से होकर जा रही है। पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके अतिरिक्त राजस्थान एवं उससे लगे मध्य प्रदेश पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है।
जबलपुर, शहडोल संभाग हो सकती है बारिश
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात और झारखंड से लेकर मणिपुर तक बनी द्रोणिका के असर से पूर्वी मप्र में कुछ नमी मिल रही है। इस वजह से सोमवार को जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
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