नए साल में मध्य प्रदेश के 2 प्रमुख नगरों जबलपुर और ग्वालियर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की सौगात मिलने जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने शुरुआती फैसले में यह ऐलान किया है। अभी तक राजधानी भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 3 जनवरी के अपने पहले जबालपुर दौरे के दौरान इसकी घोषणा कर सकते है।
पूर्व सीएम ने किया था ऐलान
दरअसल, मध्य प्रदेश में सबसे पहले 21 नवंबर, 2021 को मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर और भोपाल में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। पुलिस आयुक्त प्रणाली में इंदौर नगरीय पुलिस जिले में 36 थानों और भोपाल नगरीय पुलिस जिले में 38 थानों की सीमाओं को समाविष्ट किया गया था।
पुलिस आयुक्त प्रणाली में अधिकार
पुलिस आयुक्त प्रणाली में पुलिस को वो अधिकार मिल जाते हैं जो जिले के कलेक्टर व उनके अधीनस्थों के पास होते हैं। इनमें अपराधियों के खिलाफ लेकर जिलाबदर, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का कार्रवाई तक करने, धरना-प्रदर्शन व भीड़ जुटाने वाली गतिविधियों की अनुमति देने, शस्त्र लाईसेंस देने अधिकार भी शामिल हैं।भीड़ के उग्र होने पर लाठीचार्ज और धारा 107-116 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के अधिकार भी पुलिस को मिल जाते है।
इन जिलों में पहले से हैं लागू
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल, असम, हरियाणा, नागालैंड, ओडिसा के 77 शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली है लागू।
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