सरकारी स्कूलों में प्राइमरी टीचर्स की भर्ती की जाना है। इस भर्ती में वे अभ्यर्थी अयोग्य हैं जिन्होंने डिग्री हासिल की है। केवल डिप्लोमाधारी ही आवेदन कर पाएंगे। इसके लिए नवम्बर मप्र प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (MPPEB) पात्रता परीक्षा का आयोजन कराएगा। इसमें शामिल होने आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है । प्राइमरी स्कूलों में करीब तीस हजार शिक्षकों की कमी है। अभी अतिथि शिक्षक इसे पूरा कर रहे हैं। इस कमी को दूर करने स्थाई शिक्षक रखे जाने है। प्रोफेशनल एग्जामिनेशल बोर्ड इसके लिए 10 नवम्बर को पात्रता परीक्षा कराएगा। इस परीक्षा में हासिल अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होगी।
अतिथि शिक्षकों को भी परीक्षा पास करना जरूरी
स्कूल शिक्षा विभाग इसके आधार पर शिक्षकों का चयन करेगा। इस परीक्षा में अतिथि शिक्षकों को भी शामिल होना होगा। उसके बाद ही वे आरक्षण के हकदार होंगे। अतिथि शिक्षक संगठन के रमाकांत कुमार के मुताबिक इसमें वे डीएड करने वाले अतिथि शिक्षक ही आ पाएंगे। भर्ती के दौरान अनुभव के अंक मिलेंगे।
15 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन
पात्रता परीक्षा में शामिल होने आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई। इसके लिए 15 अक्टूबर अंतिम तारीख है।
कितने पदों पर होगी भर्ती
भर्ती कितने पदों पर होना है यह स्पष्ट नहीं है। पात्रता परीक्षा होने बाद संख्या तय की जाना है। लेकिन प्राइमरी स्कूलों में करीब 20 हजार शिक्षकों की कमी है। इसके आधार पर संख्या तय होगी।
योग्यता पर पहले भी हो चुका है विवाद
इससे पहले बीएड डिग्री धारियों को भी प्रायमरी शिक्षक की नौकरी मिल चुकी है। जो पहले परीक्षाएं उसमें वर्ग तीन में डिप्लोमा और डिग्री दोनों को ही मान्य किया गया था। हालांकि इस पर विवाद की स्थिति है। अभी प्राइमरी स्कूलों में ऐसे कई शिक्षकों की नौकरी जाने का खतरा बना है जो डिग्री के आधार पर भर्ती हुए थे।
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