मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए महिला कर्मचारियों को तीसरी बार मां बनने पर मातृत्व अवकाश देने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर महिला दोबारा शादी करती है तो उसे गर्भधारण करने पर मातृत्व अवकाश का लाभ दिया जाना चाहिए। फिर भले ही उसे पहले दो बार मातृत्व अवकाश क्यों न मिल चुका हो।
मौजूदा नियम के तहत सिर्फ दो बार ही मातृत्व अवकाश का प्रावधान है
हाईकोर्ट ने जबलपुर जिले के पौड़ी कला गांव में प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका प्रियंका तिवारी ने एक याचिका दाखिल की थी। याचिका में प्रियंका ने बताया कि उसकी पहली शादी 2002 में हुई थी और तलाक हो गया। इसके बाद 2021 में फिर से शादी की और अब फिर में मां बनने वाली है, लेकिन मौजूदा नियम के तहत सिर्फ दो बार ही मातृत्व अवकाश का प्रावधान है। इस वजह से वो तीसरी बार मातृत्व अवकाश नहीं ले सकती हैं। प्रियंका तिवारी की याचिका में आगे कहा गया कि, यदि कोई महिला कर्मचारी तलाक के बाद दोबारा शादी करती है तो उसे दो बार से ज्यादा मातृत्व अवकाश का हक मिलना चाहिए।
प्रियंका तिवारी को तीसरी बार मातृत्व अवकाश दिया जाए
चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ और जस्टिस पी.के. कौरव की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान शिक्षिका प्रियंका तिवारी ने अपनी याचिका के साथ इसी तरह की स्थिति में हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश की एक प्रति भी पेश की। कोर्ट ने भी पाया कि राज्य सरकार ने अभी तक याचिका का जवाब नहीं दिया है। स्थिति की तात्कालिकता को देखते हुए हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग से कहा है कि प्रियंका तिवारी को तीसरी बार मातृत्व अवकाश दिया जाए।
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इस दौरान कर्मचारियों को वेतन समेत सभी लाभ दिए जाते हैं
मध्य प्रदेश में 15 जून 2018 को जारी राजपत्र के मुताबिक महिला कर्मचारियों को दो बार 180-180 दिन का मातृत्व अवकाश दिए जाने का प्रावधान है। कर्मचारी चाहे को इस अवकाश को टुकड़ो में भी ले सकता है। इस दौरान कर्मचारियों को वेतन समेत सभी लाभ दिए जाते हैं।
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