सुकमा. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने बड़ा हमला किया है. नक्सलियों ने जगरगुंडा के बेदरे इलाके में वारदात को अंजाम दिया. इस हमले में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया. एक जवान की हालत गंभीर है. जानकारी के मुताबिक, जिस वक्त नक्सलियों ने हमला किया उस वक्त जवान एरिया डोमिनेशन पर निकले थे. राज्य में 1 हफ्ते के अंदर 6 नक्सली हमले हुए हैं. इनमें 50 से ज्यादा आईईडी विस्फोटक बरामद किए गए. बता दें, तीन दिन पहले ही नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के कांकेर में बारूदी सुरंग में ब्लास्ट किया था. इस विस्फोट में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था. ये जवान उत्तर प्रदेश का रहने वाला था.
बीएसएफ और जिला पुलिस बल के जवान संयुक्त रूप से गश्त कर रहे थे
जानकारी के मुताबिक ब्लास्ट परतापुर थाना क्षेत्र के सड़कटोला गांव में हुआ था. बीएसएफ और जिला पुलिस बल के जवान संयुक्त रूप से गश्त कर रहे थे. इसी दौरान यह ब्लास्ट हुआ था. इससे पहले नारायणपुर में भी नक्सलियों ने हमला किया था. छत्तीसगढ़ चुनाव से ठीक पहले भी नक्सलियों ने कांकेर में ही बड़ा हमला किया था. नक्सलियों ने दहशत फैलाने के मकसद से कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र और गढ़चिरौली (एमएच) जिले के ट्राइजंक्शन के पास 3 लोगों की हत्या कर दी थी. तीनों के शव मोरखंडी के ग्रामीण अपने गांव लेकर गए थे. ग्राम मोरखंडी छोटे बेटिया कांकेर से महज लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. सभी मृतक पखांजूर के मोरखंडी इलाके के ही बताए जा रहे थे.
पुलिस का मुखबिर समझा तो मार दिया
चुनाव के बीच बीजापुर जिले में भी नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर होने के संदेह में 40 साल के व्यक्ति की हत्या कर दी थी. उन्होंने चुनाव अधिकारियों को भी 7 नवंबर को हुए चुनाव के लिए मतदान केंद्र नहीं जाने की चेतावनी दी थी. पुलिस अधिकारियों ने मृतक की पहचान मुचाकी लिंगा के रूप में की थी. पुलिस ने बताया था कि नक्सलियों ने उसकी गला घोंटकर हत्या की थी. उन्होंने मुचाकी के शव को बीजापुर जिले में गलगम और नड़पल्ली गांवों के बीच सड़क किनारे फेंक दिया था. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने लिंगा पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाया था.
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