भोपाल में 27 दिसंबर की रात दो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हुई. त्रिवेंद्र से दिल्ली और बेंगलुरु से दिल्ली जा रही फ्लाइट को राज भोज एयरपोर्ट पर उतारा गया. त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही फ्लाइट में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी सफर कर रहे थे. बेंगलुरु से दिल्ली जा रही फ्लाइट को रद्द कर दिया गया. जबकि, त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही फ्लाइट को उसी रात साढ़े ग्यारह बजे रवाना किया गया. दिल्ली में कल रात मौसम बेहद खराब था. इस वजह से इन विमानों को भोपाल में उतारना पड़ा. इसक वजह से यात्रियों को परेशानी की सामना करना पड़ा.
फ्लाइट पर कोहरे का असर
गौरतलब है कि, मौसम की मार मध्य प्रदेश आने वाली फ्लाइट पर भी पड़ रही है. उत्तर भारत में कोहरे का असर इंदौर में भी देखा जा रहा है. इसकी वजह से 27 दिसंबर को इंदौर-दिल्ली, इंदौर-लखनऊ और इंदौर-जयपुर जाने वाली 6 फ्लाइट देरी से रवाना हुईं. इसकी वजह से विमान में सफर कर रहे यात्रियों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोग फ्लाइट पकड़ने के लिए समय से पहले ही इंदौर एयरपोर्ट पहुंच गए थे. उन्हें तो कई घंटों के इंतजार के बाद फ्लाइट मिली.
लेट हुई फ्लाइट, यात्री हुए परेशान
26 दिसंबर को भी कोहरे की वजह से कई उड़ाने घंटों देरी से आईं और गईं. इंदौर-लखनऊ फ्लाइट साढ़े तीन घंटे की देरी से एयरपोर्ट पहुंची. जोधपुर फ्लाइट चार घंटे, जयपुर और मुंबई फ्लाइट 3-3 घंटे की देरी से इंदौर पहुंचीं. दूसरी ओर, यात्रियों को कंपनियों ने फ्लाइट देरी से चलने का कोई मैसेज नहीं भेजा. इस वजह से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई यात्रियों के जरूरी काम छूट गए. इस वजह से उनमें नाराजगी दिखाई दी. यात्रियों का कहना था कि अगर एयरलाइंस कंपनी उन्हें समय पर फ्लाइट लेट होने की जानकारी दे देतीं तो वे भी दिल्ली में अपने अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर सकते थे. विमान कंपनियों को लोगों को समय को गंभीरता से नहीं ले रहीं.
Comments (0)