सम्मान व्यक्ति का नहीं पद का होता है। संसद चर्चा की जगह है हंगामे की नहीं। यह बात पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने संसद भवन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री मामले में कही। उन्होंने कहा कि संसद में जो भी हुआ वह ठीक नहीं है। संसद के परिसर में उपराष्ट्रपति का मजाक उड़ाना अच्छी बात नहीं है, जिन्होंने भी यह किया गलत किया। यह सम्मान व्यक्ति का नहीं पद का होता है। उन्होंने आगे कहा कि नेताओं को बहुत सावधानी से काम करना चाहिए क्योंकि उनकी बातों को कार्यकर्ता फॉलो करते हैं।
संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को लेकर महाजन ने कहा कि संसद की सुरक्षा स्पीकर के अंतर्गत आती है और उन्होंने कार्रवाई भी की है। इसके साथ ही महाजन ने कहा कि विपक्ष बेवजह की मांग करके संसद की कार्यवाही को भी ठप्प करते हैं जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि संसद चर्चा करने के लिए है। हंगामा संसद में नहीं होना चाहिए।
सम्मान व्यक्ति का नहीं पद का होता है। संसद चर्चा की जगह है हंगामे की नहीं। यह बात पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने संसद भवन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री मामले में कही। उन्होंने कहा कि संसद में जो भी हुआ वह ठीक नहीं है। संसद के परिसर में उपराष्ट्रपति का मजाक उड़ाना अच्छी बात नहीं है, जिन्होंने भी यह किया गलत किया। यह सम्मान व्यक्ति का नहीं पद का होता है। उन्होंने आगे कहा कि नेताओं को बहुत सावधानी से काम करना चाहिए क्योंकि उनकी बातों को कार्यकर्ता फॉलो करते हैं।
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