मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में अब 'चीता सफारी' बनाई जाएगी। यह देश की पहली 'चीता सफारी' होगी। मुकुंदपुर की 'सफेद बाघ सफारी' की तरह यहां भी पर्यटक 'चीता सफारी' का आनंद ले सकेंगे। इसकी अनुमति के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी को पत्र भेजा गया था, जिस पर अब सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। कूनो नेशनल पार्क में एक इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा, ताकि पर्यटक भ्रमण कर चीतों के विषय में जानकारी हासिल कर सकें।
'चीता सफारी' में दो वर्ष का समय लग सकता है। शुरुआती आकलन में 50 करोड़ की लागत आंकी गई है। 'चीता सफारी' का क्षेत्र 181.17 हेक्टेयर होगा, जिसमें 124.94 कूनो वनमंडल का वन क्षेत्र होगा। सफारी में 4 से 6 चीते छोड़े जाएंगे। प्रोजेक्ट को 'चीता सफारी' कम टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर कम इंटरप्रिटेशन सेंटर (चीता सफारी सह पर्यटक सुविधा केंद्र सह व्याख्या केंद्र) नाम दिया गया है।
देश में 70 साल बाद चीतों को पुन: बसाने के साथ ही अब कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन एनटीसीए की देखरेख में पर्यटन पर भी फोकस करने जा रहा है।
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