मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद से मंत्रिमंडल को लेकर जारी कवायद पर आज विराम लग जाएगा। 3.30 बजे मंत्रिमंडल की शपथ होना है। अटकलें हैं कि 20 से अधिक विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। माना जा रहा है कि मोहन कैबिनेट का यह गठन आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से किया जाएगा। वहीं इस चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा सकता है।
राज्यों में मंत्रियों की संख्या का निर्धारण उस राज्य की कुल विधानसभा सीटों की संख्या को देखते हुए किया जाता है। यह नियम लोकसभा में भी लागू होता है। संविधान के 91 वें संशोधन अधिनियम के तहत किसी भी राज्यि में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या कुल विधायकों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। यानी किसी राज्य में 100 विधानसभा सीटें हैं तो वहां कुल 15 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद से मंत्रिमंडल को लेकर जारी कवायद पर आज विराम लग जाएगा। 3.30 बजे मंत्रिमंडल की शपथ होना है। अटकलें हैं कि 20 से अधिक विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। माना जा रहा है कि मोहन कैबिनेट का यह गठन आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से किया जाएगा। वहीं इस चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा सकता है।
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