मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह था लेकिन विधानसभा सत्र के पहले ही दिन विवाद सामने आया है। दरअसल, विधानसभा के सदन में स्पीकर के बैठने वाली कुर्सी (आसंदी) के पीछे जहां पहले प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर लगी थी। वहां आज संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगी थी। विधानसभा स्पीकर के दाएं तरफ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर अभी भी लगी है जबकि बाएं तरफ अब नेहरू की जगह डॉ. अंबेडकर की तस्वीर लगी है।
देश के पहले प्रधानमंत्री का अपमान किया
इस बदलाव पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए पंडित नेहरू की तस्वीर दोबारा लगाने की मांग की है नहीं तो चेतावनी दी है कि कांग्रेस विधायक वहां दोबारा तस्वीर लगाएंगे नहीं तो नेहरू जी का अपमान भाजपा को महंगा पड़ेगा। कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष अब्बास हाफिज ने कहा कि बीजेपी ने देश के पहले प्रधानमंत्री का अपमान किया है।
इतिहास को मिटाने की कोशिश की जा रही
कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष अब्बास हाफिज ने कहा कि इतिहास को मिटाने की कोशिश की जा रही है। हम मध्य प्रदेश सरकार में बैठे लोगों से और विधानसभा अध्यक्ष से मांग करते हैं कि विधानसभा में जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर उसी जगह लगाई जाए जहां पहले लगी थी। ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस के विधायक तस्वीर को वहीं लगाएंगे। नेहरू का अपमान बीजेपी को भारी पड़ेगा। बताया जाता है कि साल 1996 से ही स्पीकर की सीट के पीछे की दीवार पर दोनों ओर महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की तस्वीरें थीं। अब दीवार पर नई तस्वीरें लगाई गई हैं लेकिन नेहरू की फोटो को डॉ. अंबेडकर की तस्वीर से बदल दिया गया है।
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