मध्य प्रदेश के नए सीएम मोहन यादव ने 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के साथ ही सत्ता की कमान संभाल ली है। मोहन यादव कैबिनेट की पहली बैठक में ही कई अहम फैसले लिए गए। मोहन यादव ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने और खुले में मांस की बिक्री पर पाबंदी लगाने समेत कई अहम आदेश जारी किए। सीएम मोहन के आदेशों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मीडिया के समक्ष कटाक्ष किया है।
मैंने भी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पढ़ी है
आरिफ मसूद ने निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पहले से गाइडलाइन है कि धार्मिक स्थल पर सीमित आवाज में लाउड स्पीकर बजाए जाए। हटाने का कभी नहीं कहा। मैंने भी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पढ़ी है। अब ऐसा लग रहा है कि मध्य प्रदेश में सरकार नहीं चलेगी बल्कि दुर्भावना चलेगी। विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मुख्यमंत्री ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपना पहला आदेश या भाषण किसानों के हित में दिया होता, महंगाई पर दिया होता, बेरोजगारी पर दिया होता तो हम स्वागत करते।
मुख्यमंत्री ने कौन सा नया काम कर दिया
सुप्रीम कोर्ट ने कभी भी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने का कभी नहीं कहा, बल्कि सीमित आवाज के लिए आदेशित किया था। ये केवल मध्य प्रदेश में भ्रम फैलाने का काम मुख्यमंत्री ने किया है। भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद से जब मुख्यमंत्री यादव के तरफ से खुले में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को लेकर मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि पहले से ही यह नियम लागू है। मुख्यमंत्री ने कौन सा नया काम कर दिया। यह तो नगर निगम और नगर पालिका का कर्तव्य है।
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