बिलासपुर- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चौथी रेल लाइन और ऑटो सिग्नलिंग परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर तकनीकी कार्य किए जाएंगे। इसके चलते 22 जून से 3 जुलाई तक छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे के इस फैसले से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही कुछ ट्रेनों के संचालन समय और रूट में भी अस्थायी बदलाव किया गया है।
जांजगीर-नैला स्टेशन पर होगा महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य
रेलवे अधिकारियों के अनुसार जांजगीर-नैला स्टेशन पर ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम और बिलासपुर-चांपा चौथी लाइन कनेक्टिविटी का काम किया जाएगा। इस दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग और कमीशनिंग से जुड़े कार्य भी होंगे। यह परियोजना रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
22 जून से 3 जुलाई तक रद्द रहेंगी ये ट्रेनें
रेलवे ने रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ मेमू, रायपुर-गेवरा रोड मेमू, गेवरा रोड-रायपुर मेमू, रायपुर-कोरबा पैसेंजर, कोरबा-रायपुर पैसेंजर, बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू तथा बिलासपुर-कोरबा मेमू समेत कुल 10 ट्रेनों को विभिन्न तिथियों में रद्द करने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का संचालन 22 जून से 3 जुलाई के बीच प्रभावित रहेगा।
कुछ ट्रेनों के रूट में भी बदलाव
गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर और झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। ये ट्रेनें निर्धारित अवधि में बिलासपुर तक ही चलेंगी और आगे का सफर नहीं करेंगी। रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस देरी से होगी रवाना
1 जुलाई को कोरबा से अमृतसर जाने वाली 18237 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से रवाना होगी। रेलवे ने इस बदलाव की जानकारी पहले ही जारी कर दी है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हसदेव एक्सप्रेस पैसेंजर बनकर चलेगी
22 जून से 3 जुलाई के बीच कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस और कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को कोरबा-बिलासपुर सेक्शन में पैसेंजर ट्रेन के रूप में संचालित किया जाएगा। इस दौरान ट्रेनें सभी निर्धारित छोटे स्टेशनों पर भी रुकेंगी, जिससे यात्रा समय बढ़ सकता है।
यात्रियों से रेलवे की अपील
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES या हेल्पलाइन 139 के माध्यम से ट्रेनों की स्थिति अवश्य जांच लें। इससे अनावश्यक परेशानी और असुविधा से बचा जा सकेगा।