रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सांसद बृजमोहन अग्रवाल चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह है उनकी दिल्ली में हुई चर्चित ‘डिनर डिप्लोमेसी’, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। मौका था भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामांकन का, जब दिल्ली में छत्तीसगढ़ के तमाम दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगा था। इसी दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के भाजपा नेताओं को अपने दिल्ली स्थित आवास पर डिनर के लिए आमंत्रित किया।
नामांकन के बाद देर शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंहदेव, दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के निवास पहुंचे। आत्मीय स्वागत और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के बीच सियासी चर्चा भी होती नजर आई।
हालांकि इस डिनर को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर तंज कसते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जो 15 साल तक सत्ता में रहे और अब एक-दूसरे की पोल न खुले, इसलिए डिनर पार्टी कर रहे हैं। कांग्रेस के इस बयान पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह आयोजन पारिवारिक और सौहार्दपूर्ण था, जबकि कांग्रेस को हर सकारात्मक पहल में सियासत ही नजर आती है।
बता दें कि इससे पहले बृजमोहन अग्रवाल सरकार और संगठन को लेकर अपने बयानों और पत्रों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। जंबूरी विवाद से लेकर कोर्ट तक जाने का मामला भी चर्चित रहा। ऐसे में डिनर डिप्लोमेसी को संगठन के भीतर दूरी कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बृजमोहन अग्रवाल के घर पर परोसे गए लजीज व्यंजनों की मिठास सियासी रिश्तों में कितने समय तक बनी रहती है।
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