प्रदेश में सबसे ठंडा अंचल दतिया रहा, जहां पर न्यूनतम तापमान घटकर 6 डिग्री पर जा पहुंचा। उत्तरी हवाओं का असर दतिया से लेकर ग्वालियर तक में देखा गया। हवाओं के साथ आई ठंड ने लोगों को कड़ाके की सर्दी का अहसास इस मौसम में पहली बार कराया।
मंगलवार को आसमान में बादल आने से अब तापमान और नीचे नहीं जाएगा। लेकिन दो दिन बाद बादलों के छंटते ही तापमान फिर से गिरने लगेगा।
मंगलवार की सुबह आसमान में कोहरा रहा। जिसके कारण दृश्यता 2.4 किमी की रही। आसमान में छाई धुंध और ठंडी हवाओं ने कड़ाके की ठंड का अहसास दिलाया। सुबह दस बजे तक आसमान में धुंध रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ने लगा तो धूप ने असर दिखाया और कोहरा छट गया। शाम होते-होते बादलों ने अपना डेरा जमाना शुरू कर दिया। ग्वालियर का अधिकतम तापमान पहली बार 22.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया और न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस पर आया। हवा में आद्रता 92 फीसद रही, जबकि बारिश अब तक 17.8 एमएम दर्ज हो चुकी है।
प्रदेश में सबसे ठंडा अंचल दतिया रहा, जहां पर न्यूनतम तापमान घटकर 6 डिग्री पर जा पहुंचा। उत्तरी हवाओं का असर दतिया से लेकर ग्वालियर तक में देखा गया। हवाओं के साथ आई ठंड ने लोगों को कड़ाके की सर्दी का अहसास इस मौसम में पहली बार कराया। मंगलवार को आसमान में बादल आने से अब तापमान और नीचे नहीं जाएगा। लेकिन दो दिन बाद बादलों के छंटते ही तापमान फिर से गिरने लगेगा।
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